{"_id":"60f43512c66278295f594297","slug":"delhi-now-every-household-will-get-clean-water-raghav-chadha-claims-water-purification-at-the-highest-level-ever","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: अब हर घर को मिल पाएगा स्वच्छ जल? राघव चड्ढा का दावा-जल शुद्धिकरण अब तक के सर्वोच्च स्तर पर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दिल्ली: अब हर घर को मिल पाएगा स्वच्छ जल? राघव चड्ढा का दावा-जल शुद्धिकरण अब तक के सर्वोच्च स्तर पर
Sun, 18 Jul 2021 07:37 PM IST
सुरेंद्र जोशी
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 18 Jul 2021 07:37 PM IST
सार
हरियाणा के साथ हुए जल विवाद के बाद छोड़ा गया था 1600 क्यूसेक पानी, यमुना में पानी की मात्रा बढ़ने से अब राजधानी में पेयजल की कमी पूरी होने के आसार।
विज्ञापन
Delhi water crisis
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने दावा किया है कि दिल्ली में पेयजल शुद्धिकरण अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है। चड्ढा के अनुसार दिल्ली जल बोर्ड के सभी संयंत्रों को मिलाकर अब 955 एमजीडी जल का शुद्धिकरण किया जा रहा है। अब तक यह क्षमता 900 से 910 एमजीडी के बीच हुआ करती थी।
विज्ञापन
अगर ऐसा है तो अब दिल्ली पेयजल के संदर्भ में आत्मनिर्भर हो सकती है, क्योंकि सामान्य दिनों में दिल्ली में पेयजल की खपत लगभग इतनी ही रहती है। हालांकि, गर्मियों के दिनों में पानी की किल्लत बरकरार रह सकती है जब पानी की मांग बढ़कर 1200 एमजीडी तक पहुंच जाती है।
विज्ञापन
राघव चड्ढा ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में पानी का शुद्धिकरण बढ़कर 955 मिलियन गैलन प्रतिदिन के स्तर तक पहुंच गया है, यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ है। इसके लिए उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियरों और सरकार की दूरगामी जल नीति को जिम्मेदार बताया है।
विज्ञापन
भारी किल्लत से जूझ रहे थे दिल्लीवासी
दिल्ली में हाल ही में पानी की भारी किल्लत हो गई थी। इसके कारण दिल्ली के पंजाबी बाग, करोलबाग, आनंदपर्वत, बुराड़ी और संतनगर जैसी एरिया में पानी की भारी किल्लत हो गई थी। दिल्ली सरकार ने इसके पीछे हरियाणा से प्रतिदिन 120 क्यूसेक पानी कम दिए जाने का कारण बताया था। इसके बाद दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई थी। फिलहाल, विवाद के बाद हरियाणा ने दिल्ली का 1600 क्यूसेक पानी छोड़ा और अब दिल्ली में पानी का संकट दूर होता दिख रहा है।
दो करोड़ आबादी के लिए कितने पानी की जरूरत
दिल्ली की दो करोड़ आबादी के लिए प्रतिदिन लगभग 950 एमजीडी पानी की आवश्यकता होती है। गर्मियों में पानी की मांग बढ़कर 1150 एमजीडी तक चली जाती है। इसमें दिल्ली जल बोर्ड लगभग 900 एमजीडी पानी शोधित कर पहुंचा पाता है, जबकि पानी की शेष मांग भूगर्भीय जल स्रोतों, पानी के टैंकरों से बाहर से आयात करके पूरी की जाती है।
सात फीसदी घरों तक नहीं पहुंचता स्वच्छ जल
दिल्ली सरकार ने स्वयं माना था कि दिल्ली के लगभग 93 फीसदी घरों तक साफ पानी पहुंचाया जाता है। इस प्रकार लगभग सात फीसदी घरों तक आज भी स्वच्छ जल नहीं पहुंच रहा है। दिल्ली सरकार की योजना है कि अगले साल तक दिल्ली के हर घर में टोंटी से जल पहुंचा दिया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार की हर घर नल से जल योजना भी सहयोग कर रही है।
विपक्ष का आरोप
वहीं, दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराने में असफल है। गुप्त का आरोप है कि दिल्ली सरकार ने राजधानी में जलापूर्ति की समस्या के स्थाई समाधान के लिए कोई उपाय नहीं किया। दिल्ली सरकार ने कुछ झीलों के पुनरुद्धार की योजना अवश्य बनाई थी, लेकिन अब तक किसी भी झील को पुनर्जीवन नहीं दिया गया है।