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तेजस मार्क-1ए एयरक्राफ्ट की डिलीवरी में देरी: सरकार का सख्त रुख, एचएएल पर लग सकता है जुर्माना
Mon, 08 Jun 2026 07:13 PM IST
Rahul Kumar
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Mon, 08 Jun 2026 07:13 PM IST
सार
भारतीय वायुसेना की लड़ाकू विमान क्षमता बढ़ाने के लिए एचएएल को कुल 180 एलसीए तेजस मार्क-1ए विमान उपलब्ध कराने का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन अब तक एक भी विमान वायुसेना को नहीं मिला है। कंपनी कई बार निर्धारित समयसीमा का पालन करने में असफल रही है। अब रक्षा मंत्रालय हो रही देरी की समीक्षा कर रहा है।
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तेजस फाइटर जेट
- फोटो : IANS
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विस्तार
देश के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1ए की आपूर्ति में लगातार हो रही देरी पर रक्षा मंत्रालय ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक कर उनकी प्रगति का जायजा लिया।
एचएएल पर जुर्माना लगाने पर विचार कर रही सरकार
इस बैठक में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद थे। बैठक के बाद रक्षा मंत्रालय और वायुसेना सूत्रों से जो बातें निकलकर सामने आई हैं, वे बेहद गंभीर हैं। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक तेजस मार्क-1ए की आपूर्ति समय पर न होने से वायुसेना की परिचालन तैयारियों पर असर पड़ रहा है। कई तकनीकी मोर्चों पर काम अभी तक वायुसेना की संतुष्टि के स्तर के अनुरूप नहीं हो पाया है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने यहां तक कहा कि एचएएल की ओर से विमानों की आपूर्ति में इतनी बार देरी हो चुकी है कि अब हमने इसका रिकॉर्ड रखना ही छोड़ दिया है। बार-बार तय समय सीमा चूकने के कारण अब सरकार कंपनी पर जुर्माना लगाने पर भी विचार कर रही है।
राडार इंटीग्रेशन को लेकर है समस्या
वायुसेना के सूत्रों ने इस लेटी-लतीफी पर कहा कि विमान की तकनीकी दिक्कतों के बारे में एचएएल को काफी पहले सूचित कर दिया गया था। वायुसेना का स्पष्ट कहना है कि विमानों को शामिल करने से पहले इन समस्याओं का पूरी तरह दूर होना अनिवार्य है। विमान के मुख्य हिस्से यानी राडार इंटीग्रेशन को लेकर समस्या बनी हुई है, जिसे अब तक सुलझाया नहीं जा सका है। इन तमाम चुनौतियों के बीच कुछ सकारात्मक खबरें भी आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक साल के अंत तक लगभग 18 से 24 मार्क 1ए विमान वायुसेना की संतुष्टि के मानकों पर खरे उतरते हुए पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।
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इस वर्ष तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी हो सकती है शुरू
रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने उम्मीद जताई है कि इस वर्ष तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी शुरू हो सकती है। एचएएल के पास फिलहाल छह इंजन उपलब्ध हैं और करीब 18 विमानों के स्ट्रक्चर तैयार हैं। वर्ष के अंत तक लगभग 24 विमान तैयार होने की उम्मीद है। हालांकि, भारतीय वायुसेना को अब तक एक भी तेजस मार्क-1ए विमान नहीं मिला है। तेजस मार्क-1ए कार्यक्रम को लेकर इसी महीने एक रिव्यू मीटिंग प्रस्तावित है। इससे पहले यह बैठक मई में होनी थी, लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया था। एचएएल के नए सीएमडी रवी कोटा ने वायुसेना प्रमुख से मुलाकात भी की थी।
वायुसेना पहले ही संकेत दे चुकी है कि वह एचएएल को कुछ मामलों में तत्काल राहत देने पर विचार कर सकती है, लेकिन जिन तकनीकी मानकों को 'नॉन-नेगोशिएबल' माना गया है, उन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यदि अनुबंध में निर्धारित मानकों के तहत कुछ ऐसी कमियां हैं, जिन्हें अस्थायी रूप से स्वीकार किया जा सकता है- मसलन कोई तकनीक पूरी तरह ऑटोमैटिक होने के बजाय फिलहाल मैनुअल तरीके से संचालित की जा सकती हो- तो वायुसेना उस पर विचार कर सकती है।
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एचएएल पर जुर्माना लगाने पर विचार कर रही सरकार
इस बैठक में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद थे। बैठक के बाद रक्षा मंत्रालय और वायुसेना सूत्रों से जो बातें निकलकर सामने आई हैं, वे बेहद गंभीर हैं। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक तेजस मार्क-1ए की आपूर्ति समय पर न होने से वायुसेना की परिचालन तैयारियों पर असर पड़ रहा है। कई तकनीकी मोर्चों पर काम अभी तक वायुसेना की संतुष्टि के स्तर के अनुरूप नहीं हो पाया है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने यहां तक कहा कि एचएएल की ओर से विमानों की आपूर्ति में इतनी बार देरी हो चुकी है कि अब हमने इसका रिकॉर्ड रखना ही छोड़ दिया है। बार-बार तय समय सीमा चूकने के कारण अब सरकार कंपनी पर जुर्माना लगाने पर भी विचार कर रही है।
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राडार इंटीग्रेशन को लेकर है समस्या
वायुसेना के सूत्रों ने इस लेटी-लतीफी पर कहा कि विमान की तकनीकी दिक्कतों के बारे में एचएएल को काफी पहले सूचित कर दिया गया था। वायुसेना का स्पष्ट कहना है कि विमानों को शामिल करने से पहले इन समस्याओं का पूरी तरह दूर होना अनिवार्य है। विमान के मुख्य हिस्से यानी राडार इंटीग्रेशन को लेकर समस्या बनी हुई है, जिसे अब तक सुलझाया नहीं जा सका है। इन तमाम चुनौतियों के बीच कुछ सकारात्मक खबरें भी आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक साल के अंत तक लगभग 18 से 24 मार्क 1ए विमान वायुसेना की संतुष्टि के मानकों पर खरे उतरते हुए पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।
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इस वर्ष तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी हो सकती है शुरू
रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने उम्मीद जताई है कि इस वर्ष तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी शुरू हो सकती है। एचएएल के पास फिलहाल छह इंजन उपलब्ध हैं और करीब 18 विमानों के स्ट्रक्चर तैयार हैं। वर्ष के अंत तक लगभग 24 विमान तैयार होने की उम्मीद है। हालांकि, भारतीय वायुसेना को अब तक एक भी तेजस मार्क-1ए विमान नहीं मिला है। तेजस मार्क-1ए कार्यक्रम को लेकर इसी महीने एक रिव्यू मीटिंग प्रस्तावित है। इससे पहले यह बैठक मई में होनी थी, लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया था। एचएएल के नए सीएमडी रवी कोटा ने वायुसेना प्रमुख से मुलाकात भी की थी।
वायुसेना पहले ही संकेत दे चुकी है कि वह एचएएल को कुछ मामलों में तत्काल राहत देने पर विचार कर सकती है, लेकिन जिन तकनीकी मानकों को 'नॉन-नेगोशिएबल' माना गया है, उन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यदि अनुबंध में निर्धारित मानकों के तहत कुछ ऐसी कमियां हैं, जिन्हें अस्थायी रूप से स्वीकार किया जा सकता है- मसलन कोई तकनीक पूरी तरह ऑटोमैटिक होने के बजाय फिलहाल मैनुअल तरीके से संचालित की जा सकती हो- तो वायुसेना उस पर विचार कर सकती है।
तेजस कार्यक्रम: प्रमुख बातें
- इंजन डिलीवरी में देरी के कारण तेजस कार्यक्रम की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही।
- तेजस मार्क-1ए के लिए 2021 में अमेरिकी कंपनी जीई (GE) के साथ 99 F404 इंजनों की डील हुई थी।
- भारतीय वायुसेना प्रमुख पहले भी तेजस की डिलीवरी में देरी पर नाराजगी जता चुके हैं।
- तेजस के प्रमुख वेरिएंट: मार्क-1, मार्क-1ए, ट्रेनर एयरक्राफ्ट और मार्क-2।
- तेजस मार्क-2 सबसे उन्नत संस्करण होगा, जिस पर अभी काम चल रहा है।
- भारतीय वायुसेना को 42 फाइटर स्क्वॉड्रनों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में केवल 29 स्क्वॉड्रन हैं।
- वायुसेना अब तक 40 तेजस लड़ाकू विमान अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है।
- एचएएल के साथ 83 तेजस मार्क-1ए विमानों की डील हो चुकी है, लेकिन उनकी डिलीवरी अभी शुरू नहीं हुई है।
- इन 83 विमानों से वायुसेना के 4 नए फाइटर स्क्वॉड्रन तैयार होंगे।
- अतिरिक्त 97 तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद को भी मंजूरी मिल चुकी है।
- कुल 11 तेजस स्क्वॉड्रनों में से 2 स्क्वॉड्रन वायुसेना में शामिल हो चुके हैं।
- 9 तेजस स्क्वॉड्रन अभी वायुसेना में शामिल होने बाकी हैं।