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Hindi News ›   India News ›   Defense Items: Bulletproof jacket and other 28 items of Ordnance Factory not received supply order

Defence Items: ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की बुलेटप्रूफ जैकेट को नहीं मिला सप्लाई ऑर्डर, निजी कंपनी से मिला घटिया माल

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 21 Sep 2022 01:51 PM IST
सार

Defence Items: एआईडीईएफ के महासचिव सी. श्रीकुमार ने अपने पत्र में कहा है, जो आयुध कारखाने अब टीसीएल और जीआईएल के तहत आ गए हैं, उन्हें वर्क लोड प्रदान किया जाए। केंद्र सरकार ने टीसीएल के लगभग सभी उत्पादों को गैर-कोर के रूप में घोषित कर दिया है...

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Defense Items: Bulletproof jacket and other 28 items of Ordnance Factory not received supply order
Defence Items:ordnance factory - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

रक्षा क्षेत्र में टीसीएल और जीआईएल के अंतर्गत ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने भारतीय सेना के लिए कई महत्वपूर्ण स्वदेशी उत्पाद तैयार किए हैं। इनमें कॉम्बेट यूनिफॉर्म डिजिटल पैटर्न एंटी माइक्रोबॉयल फिनिश, एनआईआर कैमुफ्लॉगिंग, कॉम्बेट डिजिटल पैटर्न लाइटर वर्जन, कोट ईसीसी न्यू वर्जन, बैलिस्टिक हेलमेट, बुलेट रजिस्टेंट जैकेट एनआईजे 3 प्लस और बुलेट रजिस्टेंट वेस्ट एनआईजे 3ए जैसे 28 उत्पाद शामिल हैं। ये सभी उत्पाद भारतीय आयुध निर्माणियों की रिसर्च एंड डेवलपमेंट यूनिट के प्रयासों का नतीजा हैं। हैरानी की बात है कि ये उत्पाद तैयार होने के बाद कारखानों को रक्षा मंत्रालय एवं सेना मुख्यालय की ओर से कोई अनुकूल रेस्पांस नहीं मिला है। इन कारखानों के पास मौजूदा वर्कलोड न के बराबर है। वर्ष 2023-24 के लिए भी वर्कलोड नहीं है। सेना के लिए अति महत्वपूर्ण उपकरण तैयार करने वाले कारखानों का स्टाफ खुद को संकट में मान रहा है। माल सप्लाई का ऑर्डर न मिलने के कारण कर्मचारी चिंतित हैं। अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ एआईडीईएफ ने इस बाबत बीस सितंबर को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है।

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वर्ष 2023-24 के लिए कोई वर्कलोड नहीं

एआईडीईएफ के महासचिव सी. श्रीकुमार ने अपने पत्र में कहा है, जो आयुध कारखाने अब टीसीएल और जीआईएल के तहत आ गए हैं, उन्हें वर्क लोड प्रदान किया जाए। केंद्र सरकार ने टीसीएल के लगभग सभी उत्पादों को गैर-कोर के रूप में घोषित कर दिया है। इन कारखानों को निजी क्षेत्र के साथ एक निविदा में प्रतिस्पर्धा करने के लिए कहा जा रहा है। रक्षा क्षेत्र के 28 उत्पाद, जिनमें कॉम्बेट यूनिफॉर्म डिजिटल पैटर्न एंटी माइक्रोबॉयल फिनिश, एनआईआर कैमुफ्लॉगिंग, कॉम्बेट डिजिटल पैटर्न लाइटर वर्जन, कोट ईसीसी न्यू वर्जन, बेलेस्टिक हेलमेट, बुलेट रजिस्टेंट जैकेट एनआईजे 3 प्लस और बुलेट रजिस्टेंट वेस्ट एनआईजे 3ए आदि शामिल हैं, के बारे में रक्षा मंत्री को अवगत कराया गया है। ये सभी उत्पाद इन कारखानों के आंतरिक अनुसंधान एवं विकास प्रयासों के कारण विकसित हुए हैं। ये अलग बात है कि अभी तक इन कारखानों को रक्षा मंत्रालय या सेना मुख्यालय से कोई अनुकूल प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इन फैक्ट्रियों के काम की बोझ की स्थिति इतनी भयावह है कि वर्ष 2023-24 के लिए कोई वर्कलोड नहीं है। इन कारखानों का कार्यबल वास्तविक संकट में है।

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श्रीकुमार के मुताबिक, निजी फर्मों द्वारा भारतीय सेना को आपूर्ति की गई कपड़े की वस्तुओं को सेना की इकाइयों द्वारा अस्वीकार कर उन्हें वापस कर दिया गया है। इसके पीछे उत्पाद की घटिया क्वॉलिटी रही है। भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों को निजी क्षेत्र द्वारा सप्लाई की गई, आर्मी लोगो यूनिफॉर्म और व्हाइट कॉटन कुक ड्रेस को खराब व घटिया गुणवत्ता के कारण इकाइयों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। ऐसे हजारों आइटम हैं, जो सीओडी कानपुर में पड़े हुए हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। देश की सुरक्षा और रक्षा तैयारियों पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। यह भी पता चला है कि 1.86 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट, जिनकी आपूर्ति एक निजी फर्म द्वारा की गई है, वे तय मानकों के अनुरूप नहीं हैं।

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सेना ने मांगी 10 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट्स

श्रीकुमार ने अपने पत्र में लिखा है, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स से यह भी पता चलता है कि सेना ने एक अन्य निजी फर्म से दस हजार बुलेट प्रूफ जैकेट की मांग की है। ऐसे में एआईडीईएफ सरकार से अपील करता है कि वह कपड़े की वस्तुओं व सेना के दस्तों के ऐसे आइटम जो उन्हें कम्फर्ट प्रदान करते हैं, को निजी फर्मों को सौंपने के अपने निर्णय की समीक्षा करे। ये निजी कंपनियां टेंडर लेने के लिए पहले तो बहुत कम कीमत का हवाला देकर प्रतिस्पर्धा में शामिल हो जाती हैं और उसके बाद उत्पाद की गुणवत्ता से समझौता करती हैं। निजी क्षेत्र की ये कंपनियां गुणवत्ता वाली वस्तुओं की आपूर्ति करने में विफल रहती हैं। इसका खामियाजा भारतीय सैनिकों को भुगतना पड़ता है।



श्रीकुमार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया है। टीसीएल के तहत आयुध कारखानों को कम्फर्ट आइटम की वस्तुओं की सप्लाई का ऑर्डर देने के लिए आदेश जारी करें। सैनिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद सुनिश्चित करने और इन आयुध कारखानों के रक्षा नागरिक कार्यबल को बनाए रखने, जिसमें 1000 से अधिक महिला कर्मचारी शामिल हैं, इन कारखानों की स्थापित क्षमता का पूरी तरह से उपयोग किया जाए। इन कारखानों को पूरा वर्कलोड मिले।

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