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दो पत्नियों के बीच फंसा पति का शव, कोर्ट ने कहा सहमति न बने तो लावारिस मानकर करो अंतिम संस्कार
एजेंसी, चेन्नई
Updated Fri, 24 Aug 2018 06:40 AM IST
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Madras high court
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एक व्यक्ति के शव को लेकर दो पत्नियों के बीच का विवाद मद्रास हाईकोर्ट पहुंच गया। कोर्ट ने गुरुवार को पुलिस को निर्देश दिया कि यदि दोनों महिलाएं दो दिन में किसी समझौते पर नहीं पहुंचती हैं तो शव को ‘लावारिस’ मानकर अंतिम संस्कार कर दिया जाए।
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जस्टिस पीएन प्रकाश ने मृतक की पहली पत्नी की पति का अंतिम संस्कार किए जाने की अनुमति देने संबंधी याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया। मृतक का शव 16 अगस्त से चेंगलनपट्टूू में सरकारी अस्पताल के शव गृह में रखा हुआ है। मृतक दक्षिणमृर्ति ईसाई था और उसने अलग-अलग वक्त में दो महिलाओं से शादी की थी। मरने के समय वह दूसरी पत्नी के साथ रह रहा था। दूसरी पत्नी ने दावा किया कि पति ने अपने घर के इलाके में दफनाने की आखिरी इच्छा जताई थी। इसके बाद उसकी पहली पत्नी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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जस्टिस प्रकाश ने कहा कि इस याचिका पर कोर्ट इच्छा पत्र की वैधता पर फैसला नहीं ले सकता है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों महिलाएं किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाती है तो मृतक का अंतिम संस्कार ‘लावारिस’ शव के मामलों की प्रक्रिया के तहत कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को शवगृह में मृतक के शव को अनिश्चितकाल तक रखने की जरूरत नहीं है।
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