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देवरिया नारी संरक्षण गृह कांड : सीबीआई जांच की निगरानी करेगा हाईकोर्ट

Thu, 09 Aug 2018 12:59 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, इलाहबाद
ब्यूरो, अमर उजाला, इलाहबाद Updated Thu, 09 Aug 2018 12:59 AM IST
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daoeria case- high court will keep an eye on cbi investigation
sexual harrasment

इलाहबाद हाईकोर्ट देवरिया नारी संरक्षण गृह कांड की सीबीआई जांच की मॉनिटरिंग करेगा। संरक्षण गृह में रह रहीं लड़कियों को सेक्स रैकेट में शामिल करने की घटना को लेकर अदालत के तेवर काफी सख्त हैं। 

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कोर्ट ने प्रदेश सरकार से दो टूक शब्दों में पूछा है कि वे कौन लोग हैं जो सेक्स रैकेट चलाने वालों को संरक्षण दे रहे हैं। उनका पता लगाया जाए। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और सीबीआई को इसमें पूरी जानकारी 13 अगस्त को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। घटना को लेकर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है।
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मामले की सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ कर रही है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि जब नारी निकेतन को सरकारी मदद बंद कर ब्लैक लिस्ट कर दिया गया था तो फिर पुलिस लड़कियों को वहां क्यों भेजती रही। वे दो कारें किसकी थीं, जो रात में वहां से लड़कियों को लेकर जाती थीं और सुबह वापस छोड़ जाती थीं। इसका पता लगाया जाना चाहिए। 
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पुलिस की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि इतने बड़े अमानवीय कृत्य में सिर्फ चार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। यह काफी कम है। कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा तत्काल उठाए गए कदमों की सराहना भी की।

सरकार का पक्ष रख रहे अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच के लिए केंद्र को अपनी संस्त़ुति भेज दी है। सेक्स रैकेट में शामिल लोगों का पर्दाफाश करने के लिए एसआईटी गठित की गई है। एडीजी गोरखपुर के नेतृत्व में टीम जांच कर रही है। पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

अपर महाधिवक्ता का कहना था सेल्टर होम का लाइसेंस 2017 में ही रद्द कर दिया गया था। उसे मिलने वाली सरकारी मदद भी रोक दी गई थी। नारी निकेतन में कुल 48 लड़कियां थीं, जिसमें से 23 मौजूद मिलीं। इनमें से 14 लड़कियों को उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया है। अभी भी सात लड़कियां लापता हैं। 


कोर्ट ने सीबीआई के अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश को निर्देश दिया है कि सीबीआई जांच को लेकर केंद्र सरकार के आदेश का पता लगाएं । मामले की सुनवाई अब 13 अगस्त को होगी।

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