{"_id":"608f8caf8ebc3eb92134de11","slug":"dangerous-new-mutant-is-discovered-scientists-claimed-that-n440k-is-10-thousand-times-more-infectious","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरा: वैज्ञानिकों को मिला कोरोना का नया म्यूटेंट N440K, पहले से हजार गुना तक संक्रामक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
खतरा: वैज्ञानिकों को मिला कोरोना का नया म्यूटेंट N440K, पहले से हजार गुना तक संक्रामक
Mon, 03 May 2021 11:09 AM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Mon, 03 May 2021 11:09 AM IST
सार
वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस का नया म्यूटेंट 'N440K' बाकी स्ट्रेन के मुकाबले 10 गुना अधिक संक्रामक है। साथ ही दावा किया है कि इसी म्यूटेंट के कारण देश के कुछ हिस्सों में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन
कोरोना का नया खतरा
- फोटो : iStock
विस्तार
देशभर में फैले कोरोना वायरस के अलग-अलग म्यूटेंट्स के कारण पहले ही हालात बेकाबू हो चुके हैं। इस बीच कोरोना वायरस के एक और खतरनाक म्यूटेंट के बारे में पता चला है, जिससे स्थिति काफी चिंताजनक हो गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस का नया म्यूटेंट 'N440K' बाकी स्ट्रेन के मुकाबले 10 गुना अधिक संक्रामक है। साथ ही दावा किया है कि इसी म्यूटेंट के कारण देश के कुछ हिस्सों में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन
'N440K' 10 से 1,000 गुना तक अधिक संक्रामक
एक रिपोर्ट के अनुसार देश में 26 अप्रैल से 2 मई के बीच कोरोना के 26 लाख नए मामले दर्ज किए गए और 23,800 मरीजों की मौत हो गई। इस बीच वैज्ञानिकों ने इस जानलेवा म्यूटेंट का पता लगाया। शोधकर्ताओं का मानना है कि अभी संक्रमण फैला रहे बाकी सभी स्ट्रेन के मुकाबले 'N440K' 10 से 1,000 गुना तक अधिक संक्रामक है, जिसकी वजह से देश के कुछ हिस्सों में दूसरी लहर अपने चरम पर पहुंच गई।
विज्ञापन
आंध्र प्रदेश में पहली बार मिला 'N440K' म्यूटेंट
म्यूटेंट 'N440K' को पहली बार आंध्र प्रदेश के करनूल शहर में पाया गया था। अब यह म्यूटेंट आंध्र और तेलंगाना सहित देश के कई हिस्सों में तेजी से फैल रहा है। शोधकर्ताओं का दावा है कि दूसरी लहर के दौरान आंध्र और तेलंगाना में जितने भी नए मामले आए हैं, उसमें से एक तिहाई मामले इसी वेरिएंट के चलते आए हैं और यह लगातार ही फैलता जा रहा है।
विज्ञापन
सीसीएमबी और एसीएसआईआर के वैज्ञानिकों ने किया शोघ
पिछले दो महीनों में देश के 50 फीसदी मामले सिर्फ चार राज्यों- कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ से आए हैं, जो संकेत देते है कि यह वैरिएंट इन इलाकों में फैल चुका है। यह शोध हैदराबाद के सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) और गाजियाबाद के एकेडमी फॉर साइंटिफिक एंड इनोवेशन रिसर्च (एसीएसआईआर) के वैज्ञानिकों ने मिलकर की है।