दिवाली से पहले अवैध तरीके से भारत में पहुंचने लगे खतरनाक चीनी पटाखे
- विदेश व्यापार नीति के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है पटाखों का आयात
- डीआरआई ने जारी की चेतावनी, सेहत व पर्यावरण के लिए हानिकारक
- विस्फोटक कानून 2008 का उल्लंघन करते हैं चीन में बने के पटाखे
- चीन से आने वाले सामान पर नजर रख रही हैं खुफिया एजेंसियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने चेताया है कि दिवाली को देखते हुए भारी मात्रा में खतरनाक चीनी पटाखे अवैध रूप से भारत पहुंचने लगे हैं। डीआरआई के अनुसार, विदेश व्यापार नीति के तहत पटाखों का आयात पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस संबंध में खुफिया एजेंसियों को भेजे पत्र में कहा गया है कि चीन से आ रहे पटाखे सेहत और पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं।
निदेशालय के मुताबिक देश में पटाखों का आयात वही कारोबारी कर सकते हैं जिनके पास इसका लाइसेंस है। चीन में बने पटाखे न सिर्फ आबोहवा के लिए खतरनाक हैं, बल्कि विस्फोटक कानून 2008 का भी उल्लंघन करते हैं।
इन पटाखों में प्रतिबंधित लाल सीसा, कॉपर ऑक्साइड और लीथियम सहित कई हानिकारक रासायनों का इस्तेमाल किया गया है। इन पटाखों में मौजूद ऐसे हानिकारक रासायनों की वजह से कई राज्य इन पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।
डीआरआई के मुताबिक चीनी कंपनियां अपना सालाना व्यापार लक्ष्य पूरा करने के लिए भारतीय बाजार की ओर देख रही हैं। यह बात सामने आई है कि कुछ व्यापारी अवैध ढंग से पटाखों को मंगाने की फिराक में हैं। इसे देखते हुए निदेशालय ने सभी जांच और खुफिया एजेंसियों को चीन से आने वाले सामान पर नजर रखने को कहा है।
क्यों मंगाते हैं चीनी पटाखे
जानकारों का कहना है कि चीनी पटाखे, भारतीय पटाखों से सस्ते पड़ते हैं और वेरायटी भी रहती है। चीनी व्यापारी जानते हैं कि दिवाली के आसपास भारत में पटाखों की मांग बढ़ जाती है, इस वजह से वे भी यह कोशिश करते हैं कि ज्यादा से ज्यादा चीनी माल भारत में खपा दिया जाए।