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सीआरपीएफ योद्धा तैयार कर रहे 'अजेय' तकनीक, बच नहीं सकेंगे देश के दुश्मन
Tue, 29 Dec 2020 12:26 AM IST
Kuldeep Singh
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 29 Dec 2020 12:26 AM IST
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सीआरपीएफ
- फोटो : CRPF Facebook
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देश के दुश्मनों का सफाया करने के लिए सबसे बड़ा केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' अब खुद के तकनीकी योद्धाओं की खास टीम तैयार करेगा। यह टीम जो तकनीक उपकरण तैयार करेगी, वे 'अजेय' यानी जिसे परास्त नहीं किया जा सके की तर्ज पर रहेंगे। रिसर्च पर खास ध्यान दिया जाएगा।
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इसके लिए डीआरडीओ और आईआईटी के साथ मिलकर एक बड़ी योजना पर काम शुरू किया गया है। सीआरपीएफ के योद्धाओं द्वारा तैयार की गई तकनीक के बाद देश के दुश्मन जिंदा नहीं बच सकेंगे। खासतौर पर आतंकियों और नक्सलियों का पूरी तरह सफाया किया जा सकेगा। इतना ही नहीं, सीआरपीएफ के टॉप इंजीनियर योद्धाओं को डीआरडीओ की लैब में काम करने का अवसर भी मिलेगा।
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बता दें कि सीआरपीएफ में जो युवा अफसर भर्ती हो रहे हैं, उनमें से ज्यादातर बीटेक और एमटेक हैं। दूसरी ओर बल में सामान्य ड्यूटी के अलावा अनेक ऐसे पद हैं, जहां पर टेक्नीकल जानकारी वाला अधिकारी कहीं ज्यादा बेहतर तरीके से काम कर सकता है। इसमें ट्रांसपोर्ट विंग, जिसके तहत माइनिंग प्रोटेक्टिेक्ड व्हीकल भी शामिल हैं, ड्रोन तकनीक, आईआईडी को निष्क्रिय करना, जंगल वॉरफेयर में काम आने वाले उपकरण व संचार के साधन आदि तकनीक प्रमुख हैं।
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इन पदों पर अभी तक सामान्य ड्यूटी वाले अधिकारी लगते रहे हैं। सीआरपीएफ के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक, इन सबके चलते अब खुद के तकनीकी योद्धा तैयार करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए डीआरडीओ और आईआईटी के साथ अनुबंध किया गया है।
बल के चुनींदा 30 तकनीकी जानकारों को आईआईटी में भेजा जाएगा।यह तीन माह का सर्टिफिकेशन कोर्स होगा। इसमें जो टॉप पांच फीसदी अधिकारी सामने आएंगे, वे एमटेक के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन्हें रिसर्च का अवसर भी मिलेगा। एमटेक अफसरों को डीआरडीओ की लैब में काम करने का मौका दिया जाएगा। इन्हें फील्ड ट्रेनिंग के अवसर भी मिलेंगे।
शीर्ष अधिकारी के अनुसार, चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेक इन इंडिया प्रोग्राम पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, इसलिए अब सीआरपीएफ भी इसी नीति पर चल कर तकनीकी योद्धा तैयार करेगी। अकेले रिसर्च एंड डेवेलपमेंट पर ज्यादा खर्च होता है, इसलिए डीआरडीओ और आईआईटी के साथ मिलकर सीआरपीएफ काम करेगी। इन संगठनों से प्रशिक्षित विशेषज्ञ अफसर सीआरपीएफ को हर क्षेत्र में तकनीकी मदद मुहैया कराएंगे।