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दावा : सुनीत चोपड़ा बोले- पूरा प्लान था केरल में जीतना और बंगाल में भाजपा को हराना
Sun, 02 May 2021 06:38 PM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
Published by: योगेश साहू
Updated Sun, 02 May 2021 06:38 PM IST
सार
केरल में दोपहर तक के रुझानों के मुताबिक सीपीएम के नेतृत्व वाला एलडीएफ 91, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ 46 और बीजेपी की अगुवाई वाला एनडीए 3 सीटों पर आगे चल रहा था। केरल में 40 साल बाद किसी पार्टी या गठबंधन की सरकार बिना हारे दूसरी बार चुनाव जीतती दिखी है।
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मतदान (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
विस्तार
केरल में लेफ्ट की दोबारा जीत और बंगाल में बीजेपी की हार कम्युनिस्ट प्लान था, जो कि सफल रहा। यह कहना है सीपीएम के वरिष्ठ नेता सुनीत चोपड़ा का। उन्होंने कहा कि यह पूरी योजना थी। केरल में दोपहर तक के रुझानों के मुताबिक सीपीएम के नेतृत्व वाला एलडीएफ 91, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ 46 और बीजेपी की अगुवाई वाला एनडीए 3 सीटों पर आगे चल रहा था। केरल में 40 साल बाद किसी पार्टी या गठबंधन की सरकार बिना हारे दूसरी बार चुनाव जीतती दिखी है।
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पश्चिम बंगाल में फिलहाल ममता बनर्जी की टीएमसी 200 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है जबकि बीजेपी 83 सीटों पर आगे है। कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन मात्र एक सीट पर आगे है जबकि दो सीट पर निर्दलीय आगे हैं। इन रुझानों को देख वामपंथी नेता सुनीत चोपड़ा बंगाल में लेफ्ट-कांग्रेस-आईएसएफ गठबंधन के सूपड़ा साफ होने से बेफिक्र और ममता बनर्जी की जीत या बीजेपी की हार से ज्यादा खुश नजर आ रहे थे।
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एक चैनल पर चुनावी चर्चा के दौरान सुनीत चोपड़ा के अलावा सीपीआई के नेता अतुल कुमार अंजान भी केरल में लेफ्ट की जीत से ज्यादा बंगाल में बीजेपी की हार की संभावना से संतुष्ट नजर आए। इस दौरान सुनीत चोपड़ा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हमारी साफ सोच थी कि केरल जीतना है और बंगाल में बीजेपी को हराना है। हमने ये दोनों काम सफलता से किया है।
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चुनाव रुझानों में लेफ्ट-कांग्रेस-आईएसएफ गठबंधन के मात्र एक सीट पर आगे चलने के संदर्भ में लेफ्ट नेताओं के बयान को देखा जाए तो ऐसा लगता है कि बंगाल में बीजेपी को रोकने के लिए लेफ्ट-कांग्रेस-आईएसएफ गठबंधन ने अपने वोट रणनीतिक तौर पर ममता बनर्जी की टीएमसी को दिलाए।