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भारतीय मजदूर संघ ने श्रम संबंधित मसलों के समाधान के लिए कार्य योजना पेश की
Wed, 27 May 2020 08:42 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 27 May 2020 08:42 AM IST
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भारतीय मजदूर संघ
- फोटो : social media
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आरएसएस की अनुषंगिक इकाई भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने मौजूदा लॉकडाउन के चलते श्रमिक संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए मंगलवार को कार्ययोजना का अनावरण किया। बीएमएस ने एक बयान जारी कर बताया कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष सी के साजी नारायणन और महासचिव विरजेश उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई कई बैठकों में श्रमिकों संबंधी पांच मुख्य मुद्दों से निपटने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है।
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इनमें ‘लॉकडाउन’ के कारण प्रवासी मजदूरों की दयनीय हालत, बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म होना, श्रम कानूनों को एकतरफा समाप्त करना और कामकाजी घंटे को बढ़ाकर 12 घंटे किया जाना और बेलगाम निजीकरण के पांच बड़े मसले सामने आए हैं।
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संगठन के चरणबद्ध कार्य योजना में इन मसलों के समाधान पर ध्यान दिया गया है। बीएमएस ने ठेके कर्मचारियों खासकर बड़े औद्योगिक क्षेत्रों, सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी क्षेत्र में काम करने वालों की मदद के लिये देश भर में ‘हेल्प डेस्क’ शुरू करने का प्रस्ताव किया है। साथ ही कृषि श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों, अपना काम करने वाले लोगों आदि की मदद के लिये भी ‘हेल्प डेस्क’ शुरू किया जाएगा।
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बीएमएस रक्षा उत्पादन इकाइयों, रणनीतिक क्षेत्रों में काम कर रहे सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और लाखों प्रवासी मजदूरों को आजीविका उपलब्ध कराने को लेकर 13 और 14 जून को उद्योगवार सेमिनार आयोजित करेगा। बयान के अनुसार इसके अलावा श्रमिक संगठन के कार्यकर्ता 15 से 30 जून को लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों से श्रम क्षेत्र से संबंधित पांच प्रमुख समस्याओं पर संपर्क करेंगे। इस पहल का मकसद सरकार पर नीतियों में बदलाव को लेकर दबाव बनाना है।