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विस्फोटक हालात: एक ही इलाके में तीन-तीन प्रकार और 10 राज्यों में दो तरह का मिला वायरस
Fri, 16 Apr 2021 06:03 AM IST
Amit Mandal
परीक्षित निर्भय , अमर उजाला
परीक्षित निर्भय , अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 16 Apr 2021 06:03 AM IST
सार
- वैज्ञानिकों का खुलासा- बहरूपिये वायरस ने भारत में छह बार बदले रूप
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है
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कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद इलाके को सैनिटाइज करता कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश में संक्रमण की दूसरी लहर वायरस के छह नए स्वरूपों के कारण विस्फोटक स्थिति में है। वैज्ञानिकों के मुताबिक तीन स्वरूप भारत में बदले हैं। तीन अन्य ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील से आए हैं। एक ही इलाके में तीन प्रकार के वायरस और राज्यो में दो तरह के वायरस हालात बिगाड़ रहे हैं।
जीनोम सीक्वेंसिंग की जानकारी साझा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र के हर जिले के लिए अलर्ट जारी किया गया है। क्योंकि यहां 60 फीसदी मामले वायरस के नए स्वरूपों से जुड़े हुए हैं।
मंत्रालय के अनुसार, वायरस में छह बदलाव मिले हैं। इनमें ब्रिटिश (बी.1.1.7), दक्षिण अफ्रीकी (बी.1.351) और ब्राजिलियाई (पी.1) से आए हैं। एक साल से देश में संक्रमण फैला रहे वायरस में बदलाव के बाद ई484क्यू, एल452आर और एन440के नामक रूप सामने आए हैं। ये नए स्वरूप मूल वायरस के मुकाबले दो से छह गुना तक ज्यादा प्रसार की क्षमता रखते हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, 23 राज्यों से संक्रमितों के 14 हजार सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में पता चला है कि 18 राज्यों में एक से अधिक स्वरूप मिल चुके हैं। इनमें से 10 राज्यों में एक साथ दो तरह के वायरस फैल रहे हैं। दिल्ली में मिले तीन तरह के वायरसों में ब्रिटिश स्ट्रेन भी शामिल है।
वैक्सीन का असर जानना जरूरी
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक से अधिक बार बदले वायरस से वैक्सीन बचा पाएगी या नहीं, इस बारे में वैज्ञानिक ज्यादा नहीं जान पाए हैं। अभी जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए वायरस को समझना व इससे बचना जरूरी है।
कितने जानलेवा या गंभीर...अब तक पता नहीं चला
हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि संक्रमित के संपर्क में आने वाले कम से कम 30 लोगों की निगरानी की जा रही है। संपर्क में आए लोग भी संक्रमित मिलने पर उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग भी कराई जा रही है। इससे खुलासा हुआ है कि नवंबर 2020 से मार्च 2021 तक के पांच महीनों में वायर से 6 स्वरूप मिल हैं जिनमें से तीन बदलाव देश में ही हुए हैं। मुश्किल यह है कि इनमें से कौन कितना जानलेवा है या गंभीर है। इसका पता नहीं लग पा रहा है।
रिपोर्ट नेगेटिव, फेफड़े खराब
एनआईवी पुणे की डॉ. प्राची यादव ने बताया, तीनों विदेशी और तीनों भारतीय स्वरूप न सिर्फ तेजी से फैल सकते हैं बल्कि ज्यादा ताकतवर भी हैं। कई जांचों में भी इनकी पहचान में धोखा हो रहा है। इसीलिए निगेटिव रिपोर्ट के बावजूद कई लोग संक्रमित हैं और उनके फेफड़े खराब हुए हैं।
मामले छह व मौतें चार गुना बढ़ीं
देश में 26 फरवरी तक 16,562 मामले दर्ज किए गए थे और 114 लोगों की कोरोना से मौत हुई थी। लेकिन 6 अप्रैल को इसमें छह गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई और मामले बढ़कर 96,982 हो गए। वहीं मौतों की संख्या में चार गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई और आंकड़ा 446 पर पहुंच गया था।
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जीनोम सीक्वेंसिंग की जानकारी साझा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र के हर जिले के लिए अलर्ट जारी किया गया है। क्योंकि यहां 60 फीसदी मामले वायरस के नए स्वरूपों से जुड़े हुए हैं।
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मंत्रालय के अनुसार, वायरस में छह बदलाव मिले हैं। इनमें ब्रिटिश (बी.1.1.7), दक्षिण अफ्रीकी (बी.1.351) और ब्राजिलियाई (पी.1) से आए हैं। एक साल से देश में संक्रमण फैला रहे वायरस में बदलाव के बाद ई484क्यू, एल452आर और एन440के नामक रूप सामने आए हैं। ये नए स्वरूप मूल वायरस के मुकाबले दो से छह गुना तक ज्यादा प्रसार की क्षमता रखते हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, 23 राज्यों से संक्रमितों के 14 हजार सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में पता चला है कि 18 राज्यों में एक से अधिक स्वरूप मिल चुके हैं। इनमें से 10 राज्यों में एक साथ दो तरह के वायरस फैल रहे हैं। दिल्ली में मिले तीन तरह के वायरसों में ब्रिटिश स्ट्रेन भी शामिल है।
वैक्सीन का असर जानना जरूरी
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक से अधिक बार बदले वायरस से वैक्सीन बचा पाएगी या नहीं, इस बारे में वैज्ञानिक ज्यादा नहीं जान पाए हैं। अभी जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए वायरस को समझना व इससे बचना जरूरी है।
कितने जानलेवा या गंभीर...अब तक पता नहीं चला
हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि संक्रमित के संपर्क में आने वाले कम से कम 30 लोगों की निगरानी की जा रही है। संपर्क में आए लोग भी संक्रमित मिलने पर उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग भी कराई जा रही है। इससे खुलासा हुआ है कि नवंबर 2020 से मार्च 2021 तक के पांच महीनों में वायर से 6 स्वरूप मिल हैं जिनमें से तीन बदलाव देश में ही हुए हैं। मुश्किल यह है कि इनमें से कौन कितना जानलेवा है या गंभीर है। इसका पता नहीं लग पा रहा है।
रिपोर्ट नेगेटिव, फेफड़े खराब
एनआईवी पुणे की डॉ. प्राची यादव ने बताया, तीनों विदेशी और तीनों भारतीय स्वरूप न सिर्फ तेजी से फैल सकते हैं बल्कि ज्यादा ताकतवर भी हैं। कई जांचों में भी इनकी पहचान में धोखा हो रहा है। इसीलिए निगेटिव रिपोर्ट के बावजूद कई लोग संक्रमित हैं और उनके फेफड़े खराब हुए हैं।
मामले छह व मौतें चार गुना बढ़ीं
देश में 26 फरवरी तक 16,562 मामले दर्ज किए गए थे और 114 लोगों की कोरोना से मौत हुई थी। लेकिन 6 अप्रैल को इसमें छह गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई और मामले बढ़कर 96,982 हो गए। वहीं मौतों की संख्या में चार गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई और आंकड़ा 446 पर पहुंच गया था।