Covid: ओडिशा में ढाई साल बाद दर्ज हुआ कोरोना का पहला मामला, गुजरात में 15 संक्रमित; हरियाणा में तीन मामले
Covid: ओडिशा में ढाई साल बाद दर्ज हुआ कोरोना का पहला मामला, गुजरात में 15 संक्रमित; हरियाणा में तीन मामले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ओडिशा: ढाई साल बाद नया मामला सामने आया, मरीज की हालत स्थिर
ओडिशा में ढाई साल बाद कोरोना वायरस का एक नया मामला सामने आया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव एस. अश्वथी ने बताया कि मरीज की हालत स्थिर है, लेकिन चिंता की बात यह है कि संक्रमित व्यक्ति को कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं। अब तक, केंद्र सरकार या राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने कोरोना वायरस के प्रसार पर कोई सलाह जारी नहीं की है। उन्होंने कहा, स्वास्थ्य विभाग को स्थिति की निगरानी करने के लिए कहा गया है और हम सतर्क हैं।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 मामले सामने आ रहे हैं और मरीज हल्के स्ट्रेन से संक्रमित पाए जा रहे हैं, जिनमें गंभीरता का खतरा बहुत कम है।
अश्वथी ने कहा, चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और केंद्र या एनसीडीसी से नई सलाह का इंतजार कर रहे हैं। जब हमें यह मिलेगी, तो हम आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि अब तक जनता के लिए कोई सलाह जारी नहीं की गई है। उन्होने दावा किया स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। सूत्रों के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति का उपचार यहां एक निजी अस्पताल में चल रहा है। ओडिशा सरकार के कोविड-19 डैशबोर्ड के अनुसार, राज्य में 8 नवंबर 2022 को 26 मामले सामने आए थे।
ये भी पढ़ें: 27 बार जमानत याचिका टालने पर हाई कोर्ट पर नाराज हुआ सुप्रीम कोर्ट, आरोपी को दी राहत
गुजरात: 15 मामले दर्ज; सरकार ने कहा-घबराने की जरूरत नहीं
गुजरात में एक लंबे अंतराल के बाद कोविड-19 के 15 नए मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने लोगों से घबराने की अपील की है क्योंकि यह वैरिएंट कम गंभीर है। अधिकारियों ने कहा, सभी मरीजों का इलाज घर पर किया जा रहा है।
अतिरिक्त निदेशक (लोक स्वास्थ्य) डॉ. नीलम पटेल ने कहा, गुजरात में वर्तमान में कोविड-19 के JN.1 वैरिएंट के 15 सक्रिय मामले हैं। यह वैरिएंट ओमिक्रॉन परिवार से है, जिसे अगस्त 2023 में सबसे पहले खोजा गया था। पटेल ने गांधीनगर में पत्रकारों से कहा,गुजरात में सक्रिय मामलों में से 13 अहमदाबाद शहर में हैं और एक-एक राजकोट शहर और अहमदाबाद ग्रामीण क्षेत्र में है। ये मामले ओमिक्रॉन JN.1 वैरिएंट के हैं, जो कम गंभीर है। यह गुजरात या भारत के लिए इस समय बड़ी चिंता का विषय नहीं है।
उन्होंने कहा कि चीन, थाईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में हाल के हफ्तों में हजारों मामले सामने आए हैं और यह स्वाभाविक है कि यह संक्रमण भारत में भी फैल गया है क्योंकि लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर यात्रा करते हैं। इन 15 मरीजों में से एक ने सिंगापुर की यात्रा की थी। अधिकारी ने कहा, यह कोरोना वायरस वैरिएंट कम गंभीर है, इसलिए इन 15 मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ी। वे घर पर आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं। हालांकि, हमारे अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड हैं, उन्हें इस्तेमाल करने की तत्काल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, घबराने की जरूरत नहीं है। लोग केवल सतर्क रहें। जो लोग खांसी और जुकाम से पीड़ित हैं, उन्हें बाहर जाने से बचना चाहिए।
हरियाणा: गुड़गांव और फरीदाबाद में तीन मामले
हरियाणा के गुड़गांव और फरीदाबाद में कोविड-19 के तीन मामले सामने आए हैं। एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि गुड़गांव में दो और फरीदाबाद से एक मामला दर्ज हुए। अधिकारी ने कहा, गुड़गांव में एक महिला (31 वर्षीय) पॉजिटिव पाई गई। महिला हाल ही में मुंबई से लौटी थी। एक 62 वर्षीय व्यक्ति भी संक्रमित पाया गया, जिनकी यात्रा का इतिहास नहीं था। दोनों मरीजों को आइसोलेट कर दिया गया है।
अधिकारी ने बताया कि फरीदाबाद के सेहतपुर (पल्ला क्षेत्र) में एक युवक (28 वर्षीय) कोविड-19 से संक्रमित पाया गया, जो सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर राह था। कई दिनों से बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित रहने के बाद वह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल गया था। वहां किए गए कोविड परीक्षण में संक्रमण की पुष्टि हुई।
ये भी पढ़ें: NCR में कोरोना की दस्तक: सिक्योरिटी गार्ड मिला संक्रमित, पता लगाया जा रहा वेरियेंट; स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट
गुड़गांव स्वास्थ्य विभाग के डॉ. जेपी राजलिवाल ने कहा, गुड़गांव में दोनों मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग उनकी निगरानी कर रहा है। उन्हें अपने परिवार से अलग रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग उनके संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान कर रहा है ताकि उनके नमूनों का भी परीक्षण किया जा सके।