साध्वी प्रज्ञा को लगा कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज
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मुंबई में स्पेशल एनआईए अदालत ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। पिछले सप्ताह सध्वी की याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिए आज की तारीख तय की थी। साध्वी प्रज्ञा पर 2008 में मालेगांव में हुए धमाकों में हाथ होने का आरोप था, हालांकि एनआईए ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है।
साथ ही एनआईए ने प्रज्ञा की जमानत याचिका की भी खिलाफत नहीं की थी। जांच एजेंसी एनआईए का मानना है कि जांच में कही भी आरोपी साध्वी प्रज्ञा का कोई रोल नजर नहीं आया।
प्रज्ञा के अलावा शिव नारायण कलसांगड़ा, श्याम भवरलाल साहू, प्रवीण टक्कलकी, लोकेश शर्मा और धान सिंह चौधरी के खिलाफ दर्ज आरोप हटा लिए गए थे।
मकोका के तहत नहीं बनता केस
एनआईए ने यह भी कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून) के तहत इस मामले में आरोप नहीं बनते। मकोका के प्रावधानों के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक रैंक के किसी अधिकारी के सामने दिया गया बयान कोर्ट में साक्ष्य माना जाता है।
गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में एक बम धमाका हुआ था, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई थी और 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। नवंबर में ही राज्य की एटीएस ने इस मामले में साध्वी प्रज्ञा समेत इस मामले को सुलझाने का दावा किया था, लेकिन 2011 में यह मामला जांच के लिए एनआईए को दे दिया गया।
जांच के बाद एनआईए ने भी माना की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का रोल पूरे बम धमाके में कही भी नहीं है। इसी के बाद साध्वी प्रज्ञा ने अपनी जमानत याचिका दायर की थी।