कोरोनावायरस: वुहान में फंसे भारतीयों को बचाएगा विशेष विमान, चीन में अब तक 106 की मौत
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कोरोनावायरस ने चीन में हाहाकार मचा रखा है। अब तक 106 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा संकट वुहान प्रांत में है, जहां हजारों लोग फंसे हुए हैं। इनमें 250 से ज्यादा भारतीय छात्र व कर्मचारी भी हैं। चीन के वुहान प्रांत में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए एयर इंडिया का विशेष विमान तैयार है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने भारतीयों को वापस लाने के लिए विमान भेजने की योजना बनाई है। उधर, थाईलैंड में कोरोनावायरस के छह नए मामले सामने आए हैं।
डीजीसीए ने भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए एयर इंडिया के विमान को अनुमति दे दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी चीन से नागरिकों को वापस लाने के लिए औपचारिक निवेदन किया है। चीन का नागरिक उड्डयन प्रशासन इस संबंध में सभी जरूरी प्रबंध करेगा। बीजिंग में भारतीय दूतावास भारतीयों से लगातार संपर्क बनाए हुए है।
नागरिक उड्डयन और स्वास्थ्य मंत्रालय क्रमशः परिवहन और संगरोधन (अस्पताल का अलग कमरा) सुविधाओं की व्यवस्था करेंगे। एयर इंडिया मुंबई से वुहान के लिए अपने बोइंग 747 से एक विशेष उड़ान संचालित करने की तैयारी कर रही है ताकि वहां से भारतीयों को बाहर निकाला जा सके।
गुजरात के वडोदरा एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास चीन सरकार से संपर्क बनाए हुए है। उन्हें वापस लाने में कुछ दिन लगेंगे। मगर आप सरकार पर भरोसा बनाए रखें। गुजरात से राज्यसभा सांसद जयशंकर ने कहा कि अभी तक एक भी भारतीय छात्र इस वायरस के संक्रमण में नहीं आया है, इसलिए किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
थाईलैंड में छह और मामलों की पुष्टि
थाईलैंड ने मंगलवार को कोरोनावायरस के छह नए मामले सामने आने पुष्टि की है, इसके साथ ही देश में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 14 हो गई है। टेलीविजन पर प्रसारित एक संदेश में थाई प्रधानमंत्री प्रीयुत चान-ओ-चा ने कहा कि सरकार ने स्थिति को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया है और एहतियाती उपाय जो किए जा रहे हैं वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।
उन्होंने कहा कि पुष्टि किए गए कुल मामलों में से पांच मरीजों की हालत में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य मरीजों को चिकिस्ता निगरानी में रखा गया है। उन्होंने आगे कहा कि देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने राष्ट्रव्यापी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन अभियान को और तेज कर दिया है ताकि सभी समुदायों के ऐसे मरीजों को अस्पताल और हवाई अड्डों पर तत्काल चिकित्सा सेवा मुहैया कराई जा सके।
14 दिन तक विशेष वार्ड में रहेंगे भारतीय
भारतीय दूतावास ने बताया कि वुहान प्रांत से वापस लाने के बाद 250 से ज्यादा छात्रों को 14 दिन तक विशेष निगरानी कक्ष में रखा जाएगा। जिन लोगों ने वापस आने के विकल्प को चुना है, उन्हें भारत आने पर अनिवार्य तौर पर 14 दिन तक विशेष निगरानी कक्ष में रखा जाएगा।
भारत ने तीन हॉटलाइन शुरू की
भारतीय दूतावास ने छात्रों की मदद के लिए तीन हॉटलाइन नंबर शुरू किए हैं ताकि वे भारतीय नागरिकों की सभी जानकारियां हासिल कर सकें।
अब 20 हवाई अड्डों पर होगी जांच
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था को 13 से बढ़ाकर 20 हवाई अड्डों तक किया जाएगा। इसके अलावा तमिलनाडु के मदुरै एयरपोर्ट पर दो मेडिकल कैंप लगाए गए हैं ताकि विदेश से आने वाले यात्रियों की जांच की जा सके।
कैबिनेट सचिव के साथ बैठक हुई
भारत सरकार ने कैबिनेट सचिव के साथ सोमवार को एक समीक्षा बैठक की जिसमें चीन की स्थिति पर चर्चा हुई। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि चीन के हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस फैलने से उत्पन्न स्थिति से प्रभावित भारतीयों को बाहर निकालने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग में भारतीय दूतावास भारत के लोगों को बाहर निकालने के लिए चीन की सरकार के संपर्क में है।
चीन में 1,300 मामले आए सामने
चीन में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि विषाणु संक्रमण के 1,300 नए मामले सामने आए हैं। इस संक्रमण के केंद्र मध्य हुबेई प्रांत के स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि विषाणु संक्रमण के कारण और 24 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि और 1,291 लोग इस संक्रमण से ग्रसित पाए गए हैं जिसके साथ ही देश भर में कोरोनावायरस संक्रमण के पुष्ट मामलों की संख्या 4,000 से अधिक हो गई है।