फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Corona Omicron variant Covid19 Alert Pressure on health services is increasing again

Corona Alert: देश के अंदर ही बढ़ रहा है ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा, स्वास्थ्य सेवाओं पर फिर बढ़ने लगा है दबाव

Thu, 27 Jan 2022 09:39 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 27 Jan 2022 09:39 PM IST
सार

ओमिक्रॉन वैरिएंट भी उतना ही ज्यादा खतरनाक है जितना बाकी अन्य वैरिएंट। भारत में ओमिक्रॉन का प्रसार अब विदेशी यात्रियों के माध्यम से नहीं बल्कि देश के भीतर ही होने की आशंका है।

विज्ञापन
Corona Omicron variant Covid19 Alert Pressure on health services is increasing again
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन भी भारत में अब कम्युनिटी ट्रांसमिशन के स्तर पर आ गया है। इससे अस्पतालों के आईसीयू में भर्ती होने वालों संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिल्ली, मुंबई समेत कई महानगरों में ओमिक्रॉन वेरिएंट कम्युनिटी स्प्रेड तक पहुंच गया है। यहां केस के मामले में पहले की तुलना में ज्यादा बढ़ोतरी देखी जा रही है। ओमिक्रॉन वैरिएंट भी उतना ही ज्यादा खतरनाक है जितना बाकी अन्य वैरिएंट। भारत में ओमिक्रॉन का प्रसार अब विदेशी यात्रियों के माध्यम से नहीं बल्कि देश के भीतर ही होने की आशंका है।

विज्ञापन


हाल ही में इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टियम (इन्साकॉग ) ने अपने हालिया बुलेटिन में कहा है कि भारत में ओमिक्रॉन स्वरूप कम्युनिटी स्प्रेड के स्तर पर है। जिन महानगरों में कोविड-19 मामलों में तेज वृद्धि देखी जा रही है, वहां यह हावी हो गया है। कोविड-19 के जीनोम अनुक्रमण का विश्लेषण करने के लिए सरकार द्वारा गठित समूह इन्साकॉग ने यह भी कहा कि ओमीक्रॉन का संक्रामक सब-वैरिएंट बीए.2 भी देश के कुछ हिस्सों में मिला है। इन्साकॉग को स्वास्थ्य और बायोटेक्नोलॉजी मंत्रालय ने सीएसआईआर और आईसीएमआर के साथ मिलकर शुरू किया है।  
विज्ञापन


10 जनवरी को अपने ताजा साप्ताहिक समाचार पत्र में इन्साकॉग (इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम) ने कहा है कि अब तक के अधिकांश ओमीक्रॉन मामले बिना लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले रहे हैं। महामारी की मौजूदा लहर में अस्पताल में भर्ती या आईसीयू के मामले बढ़ रहे हैं। जीनोमिक कंसोर्टियम ने चेतावनी देते हुए कहा कि खतरे का स्तर समान रूप से बना हुआ है। बीए.2 उप स्वरूप की मौजूदगी मिली है और इसलिए एस जीन ड्रॉपआउट आधारित स्क्रीनिंग के दौरान इस बात की बहुत अधिक आशंका है कि संक्रमण का पता न चले। भारत में ओमिक्रॉन का प्रसार अब विदेशी यात्रियों के माध्यम से नहीं बल्कि देश के भीतर ही होने की आशंका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहता है डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इसे परिभाषित करते हुए कहता है कि एक महामारी सामुदायिक प्रसार के चरण में तब पहुंचती है जब जनसंख्या के एक बड़े हिस्से में संक्रमण के स्रोत का पता नहीं चले। यह संक्रमण किसी अन्य वाहक के माध्यम से या प्रभावित क्षेत्र की यात्रा करने की वजह से फैलता है। इसका अर्थ यह भी होता कि इस संक्रमण की चपेट में कोई भी आ सकता है। हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में ओमीक्रॉन संक्रमण के चरण का ब्योरा देते हुए कम्युनिटी ट्रांसमिशन शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है।


अस्पताल में बढ़ने लगी है भर्ती होने वालों की तादाद
इन्साकॉग ने अपने न्यूजलेटर में कहा कि संक्रमण के मामले अधिक संख्या में होने की वजह से अस्पताल में भर्ती होने वाली की तादाद कई देशों में पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर गई है। स्वास्थ्य सेवा ढांचे पर दबाव बढ़ गया है। वैश्विक आंकड़ों से अब तक पता चलता है कि अधिकांश गंभीर मामले और मौतें टीका न लगाने वालों की हुई हैं। टीकाकरण की वजह से लोगों को सुरक्षा मिली है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed