डालमिया के लालकिला गोद लेने पर मचा बवाल, कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जताया एतराज
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भारत के वैभव और शौर्य की निशानी लालकिला को डालमिया कंपनी को सौंपे जाने पर खासा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस समेत कई दलों ने सरकार के इस कदम का विरोध किया है। कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट कर पूछा कि 'बीजेपी सरकार अब किस प्रतिष्ठित स्थल को प्राइवेट कंपनी के हवाले करेगी?'
After handing over the Red Fort to the Dalmia group, which is the next distinguished location that the BJP government will lease out to a private entity? #IndiaSpeaks
— Congress (@INCIndia) April 28, 2018
बीजेपी की परंपरागत सहयोगी रही शिवसेना ने भी मोदी सरकार के इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। शिव सेना नेता मनीषा कायंडे ने कहा कि ये बहुत शर्मनाक बात है कि हम अपने ही धरोहरों का रखरखाव नहीं कर सकते हैं। उधर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा, 'मोदी सरकार द्वारा इसे लाल किले का निजीकरण करना कहोगे, गिरवी रखना कहोगे या बेचना।'
मोदी सरकार द्वारा इसे लाल क़िले का निजीकरण करना कहोगे, गिरवी रखना कहोगे या बेचना।
अब प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस का भाषण भी निजी कंपनी के स्वामित्व या नियंत्रण वाले मंच से होगा। ठोंको ताली। जयकारा भारत माता का!https://t.co/W8MfRDhcyW— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) April 27, 2018