Army: भारतीय सेना के लिए अपाचे हेलिकॉप्टर का निर्माण शुरू, अमेरिकी एयरोस्पेस बोइंग बना रही छह जंगी हेलिकॉप्टर
बोइंग ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि एरिजोना के मेसा में भारतीय सेना के लिए अपाचे हेलिकॉप्टर का उत्पादन शुरू किया जा रहा है।
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अमेरिकी एयरोस्पेस दिग्गज बोइंग ने भारतीय सेना के लिए अपाचे जंगी हेलिकॉप्टर का निर्माण शुरू कर दिया है। कंपनी को कुल छह एएच-64ई अपाचे हेलिकॉप्टर भारतीय सेना को देने हैं। एएच-64 अपाचे दुनिया के सबसे उन्नत बहुउद्देश्यीय जंगी हेलिकॉप्टरों में से एक है। अमेरिकी सेना इसका ही इस्तेमाल करती है। भारतीय सेना के यह छह अपाचे हेलिकॉप्टरों की डिलीवरी 2024 तक निर्धारित है।
बोइंग ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि एरिजोना के मेसा में भारतीय सेना के लिए अपाचे हेलिकॉप्टर का उत्पादन शुरू किया जा रहा है। इस साल की शुरुआत में टाटा बोइंग एयरोस्पेस लि. (टीबीएएल) ने हैदराबाद में अपनी उन्नत सुविधा से भारतीय सेना का पहला एएच-64 अपाचे की आपूर्ति की थी। बोइंग इंडिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा, हम भारत की रक्षा क्षमताओं का समर्थन करने के लिए बोइंग की अटूट प्रतिबद्धता को बयां करते हुए एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल करके खुश हैं। एएच-64 की उन्नत तकनीक और सिद्ध प्रदर्शन भारतीय सेना की परिचालन तत्परता को बढ़ाएगा और इसकी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा।
नौसेना के लिए बनेंगे 20 हजार करोड़ से पांच फ्लीट सपोर्टशिप
भारतीय नौसेना के लिए एक बड़े प्रोत्साहन में केंद्र ने बुधवार को समुद्री बल के लिए पांच फ्लीट सपोर्टशिप के निर्माण की परियोजना को अंतिम मंजूरी दे दी। ये जहाज नौसेना को अपने युद्धपोतों को ईंधन, भोजन और गोला-बारूद से भरने में मदद करेंगे। इन पांच जहाजों का निर्माण कई भारतीय निजी क्षेत्र के छोटे व मध्यम उद्यमों के सहयोग से विशाखापत्तनम स्थित रक्षा मंत्रालय के हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) में होगा। स्वदेशी रूप से बनाए जाने वाले जहाज भारतीय नौसेना के आत्मानिर्भरता लक्ष्यों को भी बढ़ावा देंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार लगभग 20,000 करोड़ रुपये की परियोजना को केंद्र सरकार ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक में अंतिम मंजूरी दे दी।
इस परियोजना से लंबी अवधि के लिए हजारों नई नौकरियां पैदा होने और परियोजना से जुड़े उद्योगों की क्षमताओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। योजना के अनुसार, एचएसएल को लगभग आठ वर्षों में सभी जहाजों की डिलीवरी की उम्मीद है। प्रत्येक जहाज का वजन लगभग 45,000 टन होगा। भारतीय नौसेना ने पांच फ्लीट सपोर्ट जहाजों के निर्माण के लिए एचएसएल को चुना था।