सीजेआई मामले में साजिश के दावे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, पूर्व जज एके पटनायक करेंगे जांच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज भी सुनवाई हुई। उच्चतम न्यायालय ने साजिश के दावे पर जांच के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई निदेशक और आईबी चीफ को जस्टिस एके पटनायक के साथ सहयोग करने के लिए भी कहा। रिटायर्ड जस्टिस एके पटनायक को उत्सव बैंस के आरोपों की जांच के लिए नियुक्त किया गया है। उत्सव बैंस ने दावा किया था कि सीजेआई रंजन गोगोई को यौन उत्पीड़न मामले में फंसाने की साजिश है।
Supreme Court also asked the CBI Director and the IB Chief to co-operate with Justice AK Patnaik. https://t.co/OD3xQvdHXT
— ANI (@ANI) April 25, 2019विज्ञापन
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका पर ‘‘सोच समझकर किए जा रहे हमले’’ पर नाराजगी जताई और कहा कि अब इस देश के अमीर और ताकतवर लोगों को यह बताने का समय आ गया है कि वे ‘‘आग से खेल रहे’’ हैं और यह रुक जाना चाहिए।
शीर्ष अदालत अधिवक्ता उत्सव सिंह बैंस के उन दावों पर सुनवाई कर रही थी जिसमे प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को यौन उत्पीड़न के आरोपों में फंसाने के लिए एक बड़ा षड्यंत्र रचे जाने की बात कही गई है। न्यायालय ने गुरुवार सुबह वकील के दावों की सुनवाई करते हुए कहा कि वह दोपहर दो बजे आदेश देगा।
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि पिछले तीन-चार साल से न्यायपालिका से जिस प्रकार पेश आया जा रहा है, वह उससे बेहद नाराज है। पीठ ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों से जिस तरीके से इस संस्था से पेश आया जा रहा है, उसे देखकर हमें कहना पड़ेगा कि यदि ऐसा होगा तो हम काम नहीं कर पाएंगे।’’
इसी बीच न्यायमूर्ति एन वी रमण ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए गठित समिति से खुद को अलग कर लिया है। उनपर शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि वह जस्टिस गोगोई के करीबी हैं और इसी वजह से उन्हें पीठ में शामिल किया गया है। जिसके बाद जस्टिस रमण ने यह फैसला लिया है।
बता दें कि बुधवार को अधिवक्ता उत्सव सिंह बैंस ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर दावा किया था कि शीर्ष अदालत के असंतुष्ट कर्मचारियों द्वारा फिक्सिंग का रैकेट चलाया जा रहा है और चीफ जस्टिस रंजन गोगई को फर्जी यौन उत्पीड़न मामले में फंसाने की साजिश रची गई है। उन्होंने सीलबंद लिफाफे में सीसीटीवी फुटेज सहित कुछ सुबूत सौंपे थे। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी से करवाने के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता के सुझाव पर बेंच ने कहा, यह जांच का मामला नहीं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.