कांग्रेस का ऐलान, संसद में उठाएगी भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा
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चीन-भारत-भूटान सीमा विवाद के मुद्दे पर केंद्र सरकार को विपक्ष का पूरा सहयोग मिला। डोकलाम सीमा पर भारत ने किसी भी सूरत में पीछे न हटने का फैसला किया। केंद्र सरकार के इस फैसले पर अन्य विपक्ष पार्टियों ने समर्थन किया। वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से असहमत नजर आई। कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में उठाएगी। कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा विवाद को राजनयिक तरीके से कम करना चाहिए।
गौरतलब है कि शुक्रवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर सर्वदलीय बैठक हुई। जिसमें विदेश सचिव एस जयशंकर ने डोकलाम विवाद पर सरकार का पक्ष रखा था। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने कश्मीर में जारी हिंसा पर बात की थी।
इस दौरान चीन से जारी विवाद पर सरकार को विपक्ष का साथ मिला, मगर कश्मीर मामले में करीब-करीब सभी दलों ने सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए राज्य में उसकी नीतियों के कारण माहौल खराब का आरोप लगाया। कई विपक्षी दलों ने खुफिया इनपुट के बाद अमरनाथ यात्रा से जुड़े तीर्थ यात्रियों पर हुए हमले पर भी सवाल खड़े किए।
चीन पर सरकार को मिला विपक्ष का साथ
बैठक में पहले विदेश सचिव और बाद में विदेश मंत्री ने डोकलाम पठार विवाद की ताजा स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दोनों ने बताया कि इस विवाद में भारत का पक्ष मजबूत है। साथ ही यह भी याद दिलाया कि अपनी सुरक्षा के लिए भारत ने पहली बार सीमा पार कर भूटान के साथ मिल कर चीन को सड़क बनाने से रोका है।
सेना अब भी डोकलाम पठार पर टिकी हुई है और भारत तब तक वहां से अपने सैनिकों को नहीं हटाएगा जब तक चीन अपनी सेना को वापस नहीं बुलाता। सूत्रों के मुताबिक विदेश मंत्री ने इस दौरान विपक्ष से इस मुद्दे को ज्यादा तूल न देने का आग्रह किया और आश्वस्त किया कि भारत अपने हितों से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करेगा।
इस दौरान विपक्षी नेताओं को इस दिशा में दोनों ओर से हुई पहल की भी जानकारी दी गई। बैठक में मौजूद सभी दलों ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार के साथ खड़ा होने की बात कही। साथ ही सरकार की कूटनीतिक स्तर पर समस्या का हल निकालने के स्टैंड का भी साथ दिया।