फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress seeks judicial probe against Modi, ICMR officials over media report on COVID-19 response

कांग्रेस का हमला : कोरोना से जुड़े तथ्य छिपाए गए, पीएम मोदी और आईसीएमआर अधिकारियों की हो आपराधिक जांच

Thu, 16 Sep 2021 09:41 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Thu, 16 Sep 2021 09:41 PM IST
सार

कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने दावा किया कि आईसीएमआर के कुछ प्रमुख वैज्ञानिकों को हटना पड़ा क्योंकि सरकार की ओर से दबाव बनाया जा रहा था।

विज्ञापन
Congress seeks judicial probe against Modi, ICMR officials over media report on COVID-19 response
कांग्रेस नेता अजय माकन (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) पर कई आरोप लगाए। कांग्रेस ने आईसीएमआर पर अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने  के लिए कोरोना महामारी से जुड़े तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया। पार्टी ने मांग की कि इस मामले में आपराधिक जांच होनी चाहिए।

विज्ञापन


पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि इस जांच के दायरे में आईसीएमआर के शीर्ष अधिकारियों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को भी लाया जाना चाहिए।
विज्ञापन


उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘इकोनॉमिस्ट’ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस पत्रिका के अनुसार, भारत में कोरोना के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा 43 लाख से 68 लाख के बीच हो सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


माकन ने यह भी दावा किया कि आईसीएमआर के कुछ प्रमुख वैज्ञानिकों को हटना पड़ा क्योंकि सरकार की ओर से दबाव बनाया जा रहा था। इन लोगों ने जो बातें सामने रखी हैं वो बहुत गंभीर हैं। उनका कहना है कि राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए कई बातें छिपाई गईं जिससे कोरोना की दूसरी लहर से पहले सावधानी नहीं बरती गई। 

माकन के अनुसार, इन वैज्ञानिकों ने कहा है कि लॉकडाउन के मामूली असर से जुड़े अध्ययन को दबाव बनाकर वापस करवाया गया। आईसीएमआर पर दबाव बनाया गया और कहलवाया गया कि भारत में कोविड 19 तेजी से नहीं फैल रहा है। आईसीएमआर के अध्ययन में यह स्पष्ट हो गया था कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और ब्लड प्लाज्मा से कोई फायदा नहीं है, लेकिन इस तथ्य को भी छिपाया गया है। इससे जनता को नुकसान हुआ। 

माकन ने आरोप लगाया कि आईसीएमआर अपने काम में नाकाम रहा। अगर सही समय पर सही कदम उठाया गया होता तो लाखों लोगों की जान नहीं जाती। प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोरोना के खिलाफ जंग जीत ली गई। उस समय के स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी कहा था कि कोरोना को हरा दिया गया, इसके चलते लोगों ने लापरवाही बरती। 


माकन ने कहा कि इन वैज्ञानिकों ने जो कहा है कि उससे लगता है कि इसमें आईसीएमआर की आपराधिक संलिप्तता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उस समय के स्वास्थ्य मंत्री भी संलिप्त हैं। आईसीएमआर के प्रमुख लोगों, प्रधानमंत्री और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री के विरूद्ध आपराधिक जांच होनी चाहिए। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed