{"_id":"585395294f1c1b686f64c92f","slug":"congress-seeks-deputy-chief-minister-s-post-100-seats-for-pact-with-samajwadi-party","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"100 सीटें और उपमुख्यमंत्री पद मिलने पर ही सपा से गठबंधन करेगी कांग्रेस? ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
100 सीटें और उपमुख्यमंत्री पद मिलने पर ही सपा से गठबंधन करेगी कांग्रेस?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 16 Dec 2016 01:05 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर जोड़ तोड़ का दौर जारी है। यूपी चुनाव में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी से 100 सीटें और उपमुख्यमंत्री का पद चाहती है। उपमुख्यमंत्री पद की मांग सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के जोड़ तोड़ के समीकरण को साधने के लिए किया गया है।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले और इससे जनता को हो रही परेशानी के बाद यूपी चुनाव का प्लाट बदल गया है। ऐसे में बीजेपी के खिलाफ मुकाबले में कांग्रेस की भूमिका सपा और बसपा के लिए कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।
कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने कहा, 'मुलायम सिंह यादव की पार्टी जानती है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद यादव और मुस्लिम वोटों को एकजुट करने में मदद मिलेगी। अगर बीएसपी हमारे साथ मिलकर चुनाव लड़ती है, तो उसे भी दलित-मुस्लिम वोटरों को गोलबंद करने में मदद मिलेगी।'
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले और इससे जनता को हो रही परेशानी के बाद यूपी चुनाव का प्लाट बदल गया है। ऐसे में बीजेपी के खिलाफ मुकाबले में कांग्रेस की भूमिका सपा और बसपा के लिए कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।
विज्ञापन
कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने कहा, 'मुलायम सिंह यादव की पार्टी जानती है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद यादव और मुस्लिम वोटों को एकजुट करने में मदद मिलेगी। अगर बीएसपी हमारे साथ मिलकर चुनाव लड़ती है, तो उसे भी दलित-मुस्लिम वोटरों को गोलबंद करने में मदद मिलेगी।'
विज्ञापन
कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने पर खराब होगा सपा-बसपा का खेल
उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि अभी हम सिर्फ समाजवादी पार्टी से बात कर रहे हैं। पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि अगर कांग्रेस यूपी में अकेले चुनाव लड़ती है तो वह भले ही 100 सीटें ना जीते, लेकिन इससे समाजवादी पार्टी और बीएसपी का खेल खराब हो सकता है। पार्टी इसे बारगेनिंग पावर मान रही है।'
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पार्टी को यूपी में दोबारा खड़ा करने को लेकर की गई किसान रैली का कुछ खास असर नहीं हुआ है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी की कोशिश यूपी में बीजेपी को किसी भी तरह रोकने की है। इन सब फैक्टर को देखते हुए पार्टी सपा और बसपा के साथ गठबंधन को लेकर बात कर रही है।
गौरतलब है कि 9 नवंबर को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावनाओं को खारिज कर दिया था। इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि कांग्रेस नेता सपा के साथ गठबंधन को लेकर बात कर रहे हैं और मांग 100 सीटों की है। दरअसल मुलायम का बयान दोनों पार्टियों के बीच चल रही जोड़ तोड़ से मीडिया का ध्यान हटाने के लिए था।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पार्टी को यूपी में दोबारा खड़ा करने को लेकर की गई किसान रैली का कुछ खास असर नहीं हुआ है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी की कोशिश यूपी में बीजेपी को किसी भी तरह रोकने की है। इन सब फैक्टर को देखते हुए पार्टी सपा और बसपा के साथ गठबंधन को लेकर बात कर रही है।
गौरतलब है कि 9 नवंबर को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावनाओं को खारिज कर दिया था। इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि कांग्रेस नेता सपा के साथ गठबंधन को लेकर बात कर रहे हैं और मांग 100 सीटों की है। दरअसल मुलायम का बयान दोनों पार्टियों के बीच चल रही जोड़ तोड़ से मीडिया का ध्यान हटाने के लिए था।
AICC, PCC सदस्यों के साथ मुलायम की बातचीत
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यह कहते रहे हैं कि कांग्रेस के साथ गठबंधन पर आखिरी फैसला मुलायम सिंह यादव का होगा। सूत्रों का कहना है कि मुलायम सिंह यादव एआईसीसी और पीसीसी के सदस्यों के साथ जोड़ तोड़ में सक्रियता से लगे हुए हैं।
दिलचस्प है कि इस बारे में समाजवाादी पार्टी से बात करने के लिए कांग्रेस की ओर से चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को भेजा गया था।
प्रशांत किशोर मुलायम के साथ-साथ अखिलेश यादव से भी मिल चुके हैं। गठबंधन को लेकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव की भी फोन पर बात हो चुकी है।
यूपी चुनाव में बिहार चुनाव जैसे गठबंधन का फॉर्मूला
कांग्रेस और उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कोशिश यूपी में बिहार चुनाव जैसे गठबंधन को खड़ा करने की है। यूपी में अगर सपा और कांग्रेस का गठबंधन होता है, तो मुस्लिम-यादव समीकरण ज्यादा मजबूत होगा और इन समुदाय के एक मुश्त वोट सपा-कांग्रेस को मिलेंगे। यूपी में मुस्लिम आबादी 19.26 प्रतिशत है। वहीं यादवों का प्रतिशत 8.7 प्रतिशत है।
गौरतलब है कि बिहार चुनाव कांग्रेस, जदयू और आरजेडी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। यहां कांग्रेस 41 सीटों पर मैदान में उतरी और 27 सीटें जीती, जबकि 101 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली जेडीयू और आरजेडी को क्रमशः 71 और 80 सीटें मिलीं। वहीं बीजेपी की अगुवाई वाले गठबंधन को 243 में से सिर्फ 58 सीटें मिलीं। कांग्रेस की कोशिश इसी फॉर्मूले को यूपी चुनाव में खड़ा करने की है।
गौरतलब है कि बिहार चुनाव कांग्रेस, जदयू और आरजेडी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। यहां कांग्रेस 41 सीटों पर मैदान में उतरी और 27 सीटें जीती, जबकि 101 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली जेडीयू और आरजेडी को क्रमशः 71 और 80 सीटें मिलीं। वहीं बीजेपी की अगुवाई वाले गठबंधन को 243 में से सिर्फ 58 सीटें मिलीं। कांग्रेस की कोशिश इसी फॉर्मूले को यूपी चुनाव में खड़ा करने की है।