{"_id":"59c6eba14f1c1bb5688b63be","slug":"congress-not-aggressive-with-shankar-singh-vaghela-in-gujrat-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाघेला को लेकर आक्रामक नहीं दिखना चाहती कांग्रेस, तीसरे मोर्चे से पार्टी को मिल सकता है फायदा ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
वाघेला को लेकर आक्रामक नहीं दिखना चाहती कांग्रेस, तीसरे मोर्चे से पार्टी को मिल सकता है फायदा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 24 Sep 2017 04:47 AM IST
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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने कांग्रेस छोड़कर भले ही तीसरे विकल्प की राह दिखाई हो लेकिन पार्टी चुनाव में उन्हें लेकर आक्रामक नहीं दिखना चाहती है। कांग्रेस शायद ये मानकर चल रही है कि वाघेला ने खुद चुनाव न लड़कर जिस तरह चुनावी प्लेटफार्म खड़ा करने की बात कही है उसका चुनावी लाभ मिल सकता है।
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कांग्रेस इस बात से भी इंकार नहीं कर रही है कि गुजरात में किसी का साथ ले सकती है। हालांकि कांग्रेस अधिकृत तौर पर फिलहाल उनकी भूमिका वोट काटने की मानती है। कांग्रेस प्रवक्ता और सांसद राजीव शुक्ला का कहना है गुजरात में चुनाव कांग्रेस और भाजपा के बीच ही होगा।
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उनका कहना है कि जब चुनाव घोषित होंगे तब पार्टी बताएगी कि किसका साथ लेना है। वाघेला के संबंध में शुक्ला का कहना है कि अब वघेला साहब पार्टी छोड़ कर चले गए अब तीसरी पार्टी बनाना वोट काटने की ही बात होती है। उनका कहना है कि हमने उनको केंद्र में मंत्री बनाया। पार्टी में सारे पद दिए। हमने कब उनको पद से बाहर रखा। और क्या देती पार्टी उनको?
भाजपा नेता भी लगातार कहते रहे हैं कि गुजरात में कोई तीसरा मोर्चा नहीं है। वाघेला लंबे समय तक भाजपा में रहे हैं और फिर कांग्रेस में आने के बाद भी उनकी राजनीतिक जमीन उतनी ही मजबूत रही। इस चुनाव में उन्होंने भाजपा-कांग्रेस से अलग लाइन पकड़ी है जो दोनों ही चिर प्रतिद्वंद्वी पार्टियों भाजपा-कांग्रेस की मुसीबत बढ़ा रही है।
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इस बार अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी गुजरात में उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। ऐसे में दोनों ही दल खुद को आमने-सामने बताकर होने वाले नफा-नुकसान का आकलन कर रहे हैं।