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कांग्रेस की नई टीम ही घोषित करेगी यूपी के नए प्रत्याशी
शादाब रिजवी/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 15 Jun 2016 03:21 AM IST
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कांग्रेस की यूपी में बनने वाली नई संगठनात्मक टीम ही 2017 के चुनावी रण में उतरने वाले प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी। क्रास वोटिंग से हताहत पार्टी अब विधायकों वाली सीट पर नाम का एलान करने से परहेज रखेगी। निष्ठा परखने के बाद विधायकों के नाम फाइनल किए जाएंगे।
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कांग्रेस का पूरा ध्यान फिलहाल प्रदेश स्तरीय संगठन को कसना है। प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री को हटाकर गुलामनबी आजाद को तीन दिन पहले ही प्रभारी बनाया है। प्रदेशाध्यक्ष के जल्द बदलने के संकेत हैं। विधानमंडलल दल के नेता को बदलना लगभग फाइनल कर दिया है।
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चुनावी रण में अपने प्रत्याशियों के नाम तय करने के लिए हर हाल में सभी जिलों से 25 तक पैनल भेजे जाना तय किया गया है। जुलाई के पहले सप्ताह में ही पैनल में से एक नाम पर फाइनल किया जाएगा। अगस्त केपहले सप्ताह में प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने की पूरी तैयारी है।
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सिटिंग विधायक वाली सीटों पर पार्टी ने पैनल नहीं बनवाया है। छह विधायकों के क्रांस वोटिंग करने से पार्टी हैरान और परेशान है। पार्टी अब क्रास वोटिंग केबाद सतर्क हो गई है। विधायकों की सत्यनिष्ठा को परखने के बाद ही अब टिकट को ओके करेगी।
दरअसल पार्टी के छह विधायकों ने बसपा और भाजपा केपक्ष में वोङ्क्षटग कर नेतृत्व को सोचने पर मजबूर कर दिया है। नए प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद का कहना है कि सही वक्त पर सही निर्णय पार्टी लेगी। जिन विधायकों ने क्रांस वोचिंग की उनका रिपोर्ट मिल गई है। जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पार्टी के प्रदेशाध्क्ष निर्मल खत्री ने पत्र जारी कर चुनाव लडने वाले मजबूत दावेदारों का पैनल जिलाध्यक्षों से मांगा हुआ है।
कार्यकर्ता में जोश भरने की कोशिश
पार्टी का मत है कि सूबे में नई संगठनात्मक टीम के आने से कार्यकर्ताओं में जोश आसानी से भरा जा सकेगा। कार्यकर्ताओं को बूथ लेबल तक पहुंचाने और वोटर पर पकड़ बनाने में मदद मिल सकेगी। अभी कांग्रेस के पास यह परेशानी है कि उसकेपास बूथ स्तर पर मजबूत संगठन नहीं है। जबकि दूसरे दल बूथों पर मजबूत आंके जा रहे हैं। कांग्रेस भी चाहती है कि जीरो ग्राउंड पर पुख्ता पकड़ बनाने के बाद खोई जमन को हासिल करने में मदद मिल सकती है।