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मनमोहन सरकार पर चले शब्द बाणों से बिधने लगी है मोदी सरकार
शशिधर पाठक/ नई दिल्ली
Updated Mon, 19 Feb 2018 09:17 AM IST
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इतिहास अपने आप को दोहराता है और बालक सयाने का पिता होता है। इस मशहूर कहावत का जोश और जज्बा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर साफ दिखने लगा है। पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य के साथ हीरा कारोबारी नीरव मोदी और अन्य की धोखाधड़ी ने जहां कांग्रेस अध्यक्ष को आक्रामक बना दिया है, वहीं पार्टी के नेता 10 साल की मनमोहन सिंह सरकार पर भाजपा द्वारा चलाए गए शब्दभेदी वाणों से मोदी सरकार को बेधने में जुट गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फिर मोदी सरकार से जवाब मांगा है।
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क्या कहा राहुल गांधी ने
राहुल गांधी ने नीरव मोदी, एमी मोदी, निशाल मोदी, मेहुल चोकसी की धोखाधड़ी पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगा है। यह तंज कसते हुए जवाब मांगा है कि वह विकेट कीपर की ओर देखकर क्रिकेट खेल रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह सब 8 नवंबर 2016 को शुरू हुआ, जब प्रधानमंत्री मोदी ने 500 और 1000 रुपये का नोट रद्द किया। उस समय उन्होंने लोगों की जेब से पूरा का पूरा पैसा बैंक में डलवाया। अब नीरव मोदी जनता का 22 हजार करोड़ रुपये छीनकर ले गए हैं। प्रधानमंत्री जी देश के छात्रों के साथ परीक्षा पर तो 1.30 घंटा बोलते हैं लेकिन इस मामले में मौन हैं। नीरव मोदी जो जनता का 22
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हजार करोड़ रुपया लेकर गए हैं, उस पर बोलने के लिए सरकार के सामाजिक अधिकारिता मंत्री समेत अन्य आ रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मौन हैं।
संरक्षण के बिना संभव नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में नीरव मोदी लूट प्रकरण पर चर्चा हुई है। उन्होंने इस बारे में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से जानना चाहा तो चिदंबरम ने कहा कि बिना उच्च स्तर के संरक्षण के इस तरह का घोटाला नहीं हो सकता। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह सबसे बड़ा सवाल है। प्रधानमंत्री ने देश के लोगों की जेब का पैसा बैंक में डलवाया और कहा कि सुरक्षित रहेगा। अब वही फेल हुआ है। इसलिए प्रधानमंत्री जी को देश की जनता को इसे समझाना है। उन्हें जवाब देना है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसको लेकर सरकार के मंत्रियों द्वारा लगाए जा रहे आरोप पर कहा कि यह लोगों
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का ध्यान भटकाने की कोशिश है। लेकिन इस पर प्रधानमंत्री को जवाब देने की जरूरत है। वह अभी मौन हैं।
क्रोनी कैपटलिज्म
इससे पहले कांग्रेस के प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने भी प्रेस वार्ता की। उन्होंने नीरव मोदी और उनके सहयोगियों द्वारा किए गए धोखाधड़ी के मामले में जमकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ विदेश दौरे में साथ जाने वाले उद्योगपतियों को लेकर उनपर निशाना साधा। सिब्बल ने तंज कसते हुए कहा कि देश के चौकीदार (प्रधानमंत्री) आजकल व्यस्त हैं। वे हमें पकौड़े की सलाह दे रहे हैं। उनके पास समय नहीं है। हालत यह है कि चौकीदार सो गया है और चोर खो गया है। सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री यूपीए सरकार पर क्रोनी कैपटलिज्म का आरोप लगा रहे थे, लेकिन आज तो
उन्होंने इसे स्थापित कर दिया है। सिब्बल के अनुसार जब से प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता संभाली है जमकर एसेट्स खरीदे गए हैं। उन्होंने कहा कि खरीदे गए एसेट्स को लेकर मार्केट कैपिटलाइजेशन की स्थिति 46 अरब डालर है और इसके बरअक्स 94 अरब डालर बैंको को देना है। उन्होंने कहा कि तह तक जाने में यह अपने आप में ही बड़ा घोटाला है।
पलटकर आ रहे हैं शब्दबाण
मनमोहन सिंह सरकार के दस साल के कामकाज में आखिरी पांच साल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा घोटाले, अनियमितता के मामलों में मौन साध लेने का विपक्ष जमकर आरोप लगाता था। उन्हें मौनी और कमजोर प्रधानमंत्री तक कहा जाता था। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री भी सरकार के उस दौर को क्रोनी कैपटलिज्म की संज्ञा देते थे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर देश का सबसे कमजोर प्रधानमंत्री होने का तंज कसा जाता था। स्थिति आज इसके उलट है। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के अब तक के सबसे कमजोर प्रधानमंत्री हैं। कांग्रेस पार्टी देश के प्रधानमंत्री से राफेल लड़ाकू विमान की कीमत पूछ रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जयशाह पर आरोप लगा रही है। प्रधानमंत्री को कांग्रेस कमजोर, भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने वाला, मौनी, क्रोनी कैपिटलिज्म को स्थापित करने जैसे आरोपों से बेध रही है।