हार से परेशान कांग्रेस ने संगठन में किया बड़ा बदलाव, उत्तराखंड-पंजाब के अध्यक्ष बदले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस ने कई राज्यों में संगठन स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। कांग्रेस ने उत्तराखंड, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने गुरूवार को प्रेसवार्ता कर उत्तराखंड, और पंजाब के नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की। वहीं विवेक तनखा को कांग्रेस लीगल सेल का अध्यक्ष बनाया गया है। अविनाश पांडे को राजस्थान का महासचिव बनाया गया है। रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि इसके अलावा पार्टी ने 17 नए पदाधिकारी नियुक्त किए हैं जिनमें से 10 लोग 50 से कम उम्र के हैं।
17 new office bearers have been appointed by the party out which 10 are under the age of 50: Randeep Surjewala,Congress pic.twitter.com/jakLktDjIx
— ANI (@ANI_news) May 4, 2017विज्ञापन
उत्तराखंड में प्रीतम सिंह को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पंजाब में सुनील जाखड़ को राज्य में कांग्रेस की कमान दी गई है। इसके पीछे हिन्दू वोट बैंक को बड़ा कारण माना जा रहा है।
कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने हिन्दू नेता पर दांव खेला, इसके लिए हिन्दू वोट बैंक ने अहम भूमिका निभाई। पंजाब में हिंदू आमतौर पर कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक रहा है। आतंकवाद के दौर से ही हिंदू हमेशा कांग्रेस के साथ रहे, लेकिन 2007 के विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह अकालियों के पंथक किले को ध्वस्त करने में लगे थे।
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता किशोर उपाध्याय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा कर चकराता विधायक प्रीतम सिंह को उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि राज्य में विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस की हार का ठीकरा किशोर उपाध्याय के ऊपर फूटा है।
नेता प्रतिपक्ष की दौड़ भी प्रीतम सिंह का नाम आगे था। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में प्रीतम सिंह ने चकराता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्याशी मधु चौहान को हराया था। प्रीतम राज्य बनने के बाद से लगातार चकराता सीट से कांग्रेस को जीत दिलाते हुए आ रहे हैं। जिसका इनाम उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर दिया गया है। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सहसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। जहां उन्हें भाजपा विधायक सहदेव सिंह पुंडीर से हार का सामना करना पड़ा।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा है जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं वहां पार्टी ने संगठनात्मक बदलाव किया है जिसका सकारात्मक असर आने वाले चुनावों देखा जाएगा।