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पैसे की लूट और छोटे मोदी की छूट पर भी बोलिए प्रधानमंत्री जी : कांग्रेस
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Updated Fri, 16 Feb 2018 10:31 PM IST
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रणदीप सिंह सुरजेवाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने फिर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री ने देश के छात्रों को परीक्षा का पाठ पढ़ाया है। सुरजेवाला ने कहा अच्छा होता कि वह पैसे की लूट और छोटे मोदी को छूट पर भी कुछ बोलते। इसी के साथ कांग्रेस पार्टी ने इस घोटाले के 21,600 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान लगाया है।
कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरा घोटाला शीर्ष स्तर पर मिले संरक्षण के कारण हुआ है। इसी क्रम में कांग्रेस ने आज फिर पांच सवाल पूछे हैं।
सात मई 2007 से लगातार हुई शिकायत
कांग्रेस पार्टी ने नये तथ्यों के साथ अपने आरोपों की तीव्रता को बढ़ा दिया है। वैभव खुरानिया की शिकायत के दस्तावेज दिखाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि उन्होंने 07 मई 2015 को ही केन्द्रीय कारपोरेट मंत्रालय के गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय से इसकी शिकायत की थी।
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यह शिकायत सरकार की सात एजेंसियों से की गई। इसके बाद लगातार शिकायत होती गई, लेकिन सरकार के किसी एजेंसी की नींद 31 जनवरी 2018 को खुली।
जबकि इसके पहले नीरव मोदी, उनकी पत्नी एमी, नीरव के भाई निशाल मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी देश छोड़कर जा चुके थे।
30 बैंक और 21,600 करोड़ से अधिक का घोटाला
सुरजेवाला के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक ने सेबी को लिखे पत्र में 11,400 करोड़ रुपये के नुकसान को स्वीकार किया है। नीरव मोदी और अन्य से जुड़ी चार कंपनियों को को 30 बैंकों से 9,906 करोड़ रुपये का कर्जा दिया गया है।
इस तरह से यह घोटाला करीब 21,600 करोड़ रुपये का होने के तथ्य सामने आए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अभी इसके और अधिक बढ़ने का अनुमान है। यह 30 हजार करोड़ के आंकड़े को पार कर सकता है।
सरकार की हिस्सेदारी, जनता का पैसा
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक में 57 प्रतिशत की हिस्सेदारी भारत सरकार की है। इसके अलावा इसमें भारतीय सरकारी संस्थाओं ने निवेश किया है। इस तरह घोटाले में डूब रहा पैसा जनता और सरकार का ही है। रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाते हुए कहा कि लोग शिकायत करते रहे।
सरकार और इसकी एजेंसियां कान में तेल डालकर सोती रही और छोटे मोदी (नीरव मोदी, एमी मोदी, निशाल मोदी....ललित मोदी) जनता का पैसा लूटकर विदेश भाग गए। सुरजेवाला ने सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाया।
सुरजेवाला ने कहा कि सरकार एजेंसियों के छापे मारने की कार्रवाई के जरिए देश जनता की आंख में धूल झोंक रही है। एजेंसियों के हवाले से नीरव मोदी और अन्य की 5100 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी समाचार पत्रों में आ रही है।
सुरजेवाला ने कहा कि सरकार की जांच एजेंसी सीबीआई और ईडी को इसके बारे में वैल्यू रिपोर्ट के साथ जब्त की गई संपत्ति के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। ताकि देश की जनता को इसका भरोसा हो सके।
कहीं ऐसा न हो कि अभी जनता को भ्रम में डालने के लिए 5100 करोड़ रुपये की गैर अधिकृत सूचना दी जा रही है और जांच में यह 500 करोड़ रुपये भी न निकले।
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कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरा घोटाला शीर्ष स्तर पर मिले संरक्षण के कारण हुआ है। इसी क्रम में कांग्रेस ने आज फिर पांच सवाल पूछे हैं।
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सात मई 2007 से लगातार हुई शिकायत
कांग्रेस पार्टी ने नये तथ्यों के साथ अपने आरोपों की तीव्रता को बढ़ा दिया है। वैभव खुरानिया की शिकायत के दस्तावेज दिखाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि उन्होंने 07 मई 2015 को ही केन्द्रीय कारपोरेट मंत्रालय के गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय से इसकी शिकायत की थी।
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यह शिकायत सरकार की सात एजेंसियों से की गई। इसके बाद लगातार शिकायत होती गई, लेकिन सरकार के किसी एजेंसी की नींद 31 जनवरी 2018 को खुली।
जबकि इसके पहले नीरव मोदी, उनकी पत्नी एमी, नीरव के भाई निशाल मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी देश छोड़कर जा चुके थे।
30 बैंक और 21,600 करोड़ से अधिक का घोटाला
सुरजेवाला के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक ने सेबी को लिखे पत्र में 11,400 करोड़ रुपये के नुकसान को स्वीकार किया है। नीरव मोदी और अन्य से जुड़ी चार कंपनियों को को 30 बैंकों से 9,906 करोड़ रुपये का कर्जा दिया गया है।
इस तरह से यह घोटाला करीब 21,600 करोड़ रुपये का होने के तथ्य सामने आए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अभी इसके और अधिक बढ़ने का अनुमान है। यह 30 हजार करोड़ के आंकड़े को पार कर सकता है।
सरकार की हिस्सेदारी, जनता का पैसा
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक में 57 प्रतिशत की हिस्सेदारी भारत सरकार की है। इसके अलावा इसमें भारतीय सरकारी संस्थाओं ने निवेश किया है। इस तरह घोटाले में डूब रहा पैसा जनता और सरकार का ही है। रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाते हुए कहा कि लोग शिकायत करते रहे।
सरकार और इसकी एजेंसियां कान में तेल डालकर सोती रही और छोटे मोदी (नीरव मोदी, एमी मोदी, निशाल मोदी....ललित मोदी) जनता का पैसा लूटकर विदेश भाग गए। सुरजेवाला ने सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाया।
सुरजेवाला ने कहा कि सरकार एजेंसियों के छापे मारने की कार्रवाई के जरिए देश जनता की आंख में धूल झोंक रही है। एजेंसियों के हवाले से नीरव मोदी और अन्य की 5100 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी समाचार पत्रों में आ रही है।
सुरजेवाला ने कहा कि सरकार की जांच एजेंसी सीबीआई और ईडी को इसके बारे में वैल्यू रिपोर्ट के साथ जब्त की गई संपत्ति के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। ताकि देश की जनता को इसका भरोसा हो सके।
कहीं ऐसा न हो कि अभी जनता को भ्रम में डालने के लिए 5100 करोड़ रुपये की गैर अधिकृत सूचना दी जा रही है और जांच में यह 500 करोड़ रुपये भी न निकले।
प्रधानमंत्री जी क्या आप जानते हैं?
नीरव मोदी
प्रधानमंत्री जी क्या आप जानते हैं?
कानून मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने अपनी प्रेसवार्ता में मेहुल चोकसी से प्रधानमंत्री के संबंधों पर अनभिज्ञता जताई थी। रविशंकर प्रसाद ने इसमें मेहुल चोकसी को नीरव मोदी का कारोबारी साझीदार बताया था।
इसके बरअक्स सुरजेवाला ने एक वीडियो क्लिप दिखाई। यह क्लिप केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के समय की है। इसमें प्रधानमंत्री अपने भाषण में बड़ी आत्मीयता से सभागार में मौजूद मेहुल चौकसी का नाम लेते हुए संबोधित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री यह कहते हुए मेहुल चौकसी का नाम ले रहे हैं कि सोना चाहे जैसा हो भारत के लोग इसे खरीदने के बाद अपने गांव या परिचित सुनार को विश्वास के लिए जरूरत दिखाते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसी पर भाजपा, केन्द्र सरकार, कानून मंत्री और प्रधानमंत्री को घेरा है।
उन्होंने सवाल पूछा है कि क्या प्रधानमंत्री मेहुल को जानते हैं। प्रथम दृष्टया तो लग रहा है कि जानते हैं। लेकिन यदि जानते हैं तो कानून मंत्री इस पर अनभिज्ञता क्यों जता रहे हैं?
आज भी कांग्रेस ने पूछे पांच सवाल
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि कल उन्होंने पांच सवाल पूछे थे। इसका सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। प्रधानमंत्री पूरे मामले में मौन हैं।
लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि क्या यह घोटाला 21,600 करोड़ रुपये का है। इस घोटाले में 21,600 करोड़ रुपये के अलावा बैंकों को कितना नुकसान हुआ है?
कानून मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने अपनी प्रेसवार्ता में मेहुल चोकसी से प्रधानमंत्री के संबंधों पर अनभिज्ञता जताई थी। रविशंकर प्रसाद ने इसमें मेहुल चोकसी को नीरव मोदी का कारोबारी साझीदार बताया था।
इसके बरअक्स सुरजेवाला ने एक वीडियो क्लिप दिखाई। यह क्लिप केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के समय की है। इसमें प्रधानमंत्री अपने भाषण में बड़ी आत्मीयता से सभागार में मौजूद मेहुल चौकसी का नाम लेते हुए संबोधित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री यह कहते हुए मेहुल चौकसी का नाम ले रहे हैं कि सोना चाहे जैसा हो भारत के लोग इसे खरीदने के बाद अपने गांव या परिचित सुनार को विश्वास के लिए जरूरत दिखाते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसी पर भाजपा, केन्द्र सरकार, कानून मंत्री और प्रधानमंत्री को घेरा है।
उन्होंने सवाल पूछा है कि क्या प्रधानमंत्री मेहुल को जानते हैं। प्रथम दृष्टया तो लग रहा है कि जानते हैं। लेकिन यदि जानते हैं तो कानून मंत्री इस पर अनभिज्ञता क्यों जता रहे हैं?
आज भी कांग्रेस ने पूछे पांच सवाल
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि कल उन्होंने पांच सवाल पूछे थे। इसका सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। प्रधानमंत्री पूरे मामले में मौन हैं।
लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि क्या यह घोटाला 21,600 करोड़ रुपये का है। इस घोटाले में 21,600 करोड़ रुपये के अलावा बैंकों को कितना नुकसान हुआ है?
- जब प्रधानमंत्री कार्यालय, कारपोरेट मंत्रालय, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय समेत सात एजेंसियों से 07 मई 2015 से शिकायत की जा रही थी, तो समय रहते कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
- क्या प्रधानमंत्री मेहुल चोकसी को जानते हैं? जानते हैं तो सरकार कन्नी क्यों काट रही है?
- चार चरण के ऑडिट (पंजाब नेशनल बैंक से लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया तक) की व्यवस्था के बावजूद सरकार की नाक के नीचे इतना बड़ा घोटाला कैसे हुआ और पता ही नहीं चला?