JPC: कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा- महज दिखावा बनकर रह गई संसदीय समितियां
कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने आरोप भी लगाया कि वर्तमान सरकार में संसदीय समितियां महज एक दिखावा बनकर रह गई हैं।
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कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक संबंधी संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) के कामकाज के तरीके को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। समितियों के कामकाज के तरीकों लेकर विपक्षी नेताओं ने सर्वदलीय बैठक में अपना विरोध दर्ज कराया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप भी लगाया कि वर्तमान सरकार में संसदीय समितियां महज एक दिखावा बनकर रह गई हैं।
सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि संसद सत्र शुरू होने से पहले पारंपरिक रूप से होने वाली सर्वदलीय बैठक में आज सुबह सभी विपक्षी नेताओं ने वक्फ संशोधन विधेयक संबंधी जेपीसी के कामकाज के तरीके पर कड़े शब्दों में अपना विरोध व्यक्त किया है।
उन्होंने आरोप लगाया, सभी संसदीय परंपराओं और प्रथाओं का पूरी तरह से मजाक बना दिया गया है। ऐसी समितियां एक ताकत हुआ करती थीं। अब वे महज एक दिखावा बनकर रह गई हैं। वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने समिति की रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी।
In the traditional pre-session All-Party meeting this morning, all Opposition leaders have expressed their strongest protest on how the JPC on the Wakf Amendment Bill was made to function. It has made a complete mockery of all parliamentary traditions and practices. Such…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) January 30, 2025
कांग्रेस नेता ने आगे लिखा कि 1990 के दशक के मध्य से जब पहली बार ऐसी समिति बनी थी तब से संसद ने एक सांसद, एक स्थायी समिति नियम का पालन किया है। अब BJP के 26 सांसद 2 स्थायी समितियों के सदस्य हैं। इससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी इन स्थाई समितियों पर किस हद तक नियंत्रण चाहती है।
समिति ने बुधवार को 655 पृष्ठों वाली इस रिपोर्ट को बहुमत से स्वीकार किया था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझाव समाहित हैं। विपक्षी सदस्यों ने इसे असंवैधानिक करार दिया और आरोप लगाया कि यह कदम वक्फ बोर्डों को बर्बाद कर देगा।