पाकिस्तान का J-10 या भारत का राफेल: जानें दोनों फाइटर जेट में कौन है सबसे ज्यादा ताकतवर, रडार और इंजन किसका है मजबूत?
पाकिस्तान ने लड़ाकू विमान J-10 को औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल कर लिया है। J-1O लड़ाकू विमान चीन द्वारा बनाया गया है। पाकिस्तानी विशेषज्ञों ने दावा किया है कि यह भारत के राफेल से अधिक उन्नत है।
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पाकिस्तान ने चीन के J-10C लड़ाकू विमान को अपनी वायु सेना के बेड़े में शामिल कर लिया है। j-10 लड़ाकू जैसे ही पाकिस्तान के पास आया कि पीएम इमरान खान ने भारत को आंख दिखानी शुरू कर दी। पाकिस्तान स्थित पंजाब के मिन्हास एयरबेस पर इस विमान का कमीशनिंग समारोह आयोजित किया गया। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा भी मौजूद थे। इस दौरान इमरान खान ने दावा किया कि J-10 विमान के पाकिस्तानी वायु सेना में शामिल होने से क्षेत्रीय असंतुलन खत्म हो जाएगा। अब इमरान खान की गीदड़ भभकी के बीच सवाल उठने लगे हैं कि पाकिस्तान का J-10 लड़ाकू विमान अधिक ताकतवर है या भारत का राफेल? आइए जानते हैं कि दोनों लड़ाकू विमान में कौन अधिक शक्तिशाली है...
चीन ने तकनीक चोरी कर बनाया J-10 फाइटर जेट और सौंप दिया पाकिस्तान को
पाकिस्तानी J-10 फाइटर जेट एक सिंगल इंजन वाला विमान है और यह अमेरिका-निर्मित F-16 के समान है। इसे 2006 में चीन द्वारा बनाया गया था। माना जाता है कि चीन ने 460 से अधिक J-10 लड़ाकू विमानों का निर्माण किया है। चीन ने J-10 लड़ाकू विमान को इस्राइल के आईएआई लवी को कॉपी करके तैयार किया है। बताया जाता है कि चीन ने उस लड़ाकू विमान की तकनीक की कॉपी कर पाकिस्तान को सौंपा है जिसे इस्राइल ने 34 साल पहले ही बनाना बंद कर दिया था। ऐसे में पाकिस्तान J-10 की तुलना राफेल से कर खुद दुनिया के सामने हंसी का पात्र बन रहा है। J-10 डेल्टा विंग और कैनार्ड डिजाइन वाला सिंगल-इंजन मल्टीरोल लड़ाकू विमान है। J-10 में 11 हार्डपॉइंट, एक एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्केन्ड एरे रडार और एक 23 एमएम की गन लगाई गई है। जे-10 के कॉकपिट में तीन लिक्विड क्रिस्टल (एलसीडी) मल्टी-फंक्शन डिस्प्लेके साथ प्लानर ऐरे एंटीना लगा हुआ है, जो एक साथ 10 लक्ष्यों को ट्रैक करने में सक्षम है।
जानिए J-10 की तुलना में राफेल कैसे है ताकतवर
चीन द्वारा पाकिस्तान को सौंपा गया J-10 लड़ाकू विमान एक सिंगल इंजन फाइटर जेट है जबकि भारत को मिली राफेल डबल इंडन वाला लड़ाकू विमान है। राफेल हर तरह के मिशन में उपयोग के लिए सक्षम है। राफेल के जे-20 से बेहतर होने के पीछे वजह बताई जा रही है वह है राफेल के पास 13 वर्षों में कई सफल ऑपरेशन का अनुभव है और यह अफगानिस्तान, लीबिया, सीरिया, माली और इराक में तैनात अपनी ताकत दिखा चुका है। वहीं अभी J-10C को वास्तविक युद्ध की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा है।
जानें राफेल की खूबियां
- भारत का राफेल 4.4 जेनरेशन का मल्टीरोल, बहुआयामी लड़ाकू विमान है।
- राफेल की रेंज 3700 किलोमीटर है।
- राफेल की लंबाई 15.30 मीटर और चौड़ाई 5.30 मीटर है।
- राफेल की आर्म्स कैपिसिटी 9000 किलो वजन की है।
- राफेल फाइटर जेट से परमाणु हमला भी किया जा सकता है।
- राफेल में 300 किलोमीटर रेंज से अधिक रेंज वाली हवा से जमीन पर मार करने वाली क्रूज मिसाइलें लगी हैं।
- डबल इंजन वाला राफेल मिड एयर रिफ्यूलिंग के बिना 780 से 1,650 किलोमीटर की लड़ाकू रेंज कवर कर सकता है।
- इसमें ताकतवर एम 88 इंजन लगा हुआ है। राफेल में एक एडवांस्ड एवियोनिक्स सूट भी है।
- इस जेट में आरबीई 2 एए एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार लगा है, जो लो-ऑब्जर्वेशन टारगेट को पहचानने में मदद करता है।
- राफेल का रडार सिस्टम 100 किमी के दायरे में भी टारगेट को डिटेक्ट कर लेता है।