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भाजपा की नई मुश्किल: कर्नाटक में बगावत के सुर, येदियुरप्पा बोले- कोई राजनीतिक संकट नहीं
Sat, 19 Jun 2021 05:32 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, बंगलूरू।
एजेंसी, बंगलूरू।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 19 Jun 2021 05:32 AM IST
सार
मुख्यमंत्री ने कहा, असंतुष्ट विधायक विश्वनाथ के बयान पर हाईकमान करेगा फैसला
येदियुरप्पा ने कहा, पार्टी में कोई मतभेद नहीं है और पार्टी एकजुट है।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा
- फोटो : twitter.com/BSYBJP
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विस्तार
कर्नाटक भाजपा में उठ रहे बगावत के सुरों के बीच मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को दावा किया कि प्रदेश में कोई राजनीतिक संकट नहीं है। साथ ही एमएलसी एएच विश्वनाथ द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान उनके हालिया बयान को लेकर कार्रवाई पर फैसला लेगा।
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सीएम ने यह बात पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह से पार्टी विधायकों और नेताओं की हुई मुलाकात एक दिन बाद कही। सिंह ने भी पार्टी में किसी तरह के बदलाव से इनकार किया था और कहा था कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं है और पार्टी एकजुट है।
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येदियुरप्पा ने कहा कि प्रदेश की राजनीति में जो हो रहा है वह एक या दो लोगों के मीडिया में आ रहे बयानों के चलते है। यह केवल भ्रम फैलाने के लिए हो रहा है। इन एक या दो लोगों का मेरे खिलाफ बोलना नया नहीं है। यह वह शुरुआत से ही कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को करीब 60 विधायकों ने अरुण सिंह से मुलाकात की लेकिन ये जो एक दो नेता बयान दे रहे हैं, इन्हें मिलने भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी या सरकार में कोई संकट नहीं है। हम सब एकसाथ और एकजुट हैं। हमारा सारा ध्यान विकास कार्यों पर है। बयानबाजी कर रहे नेताओं से हम बात करेंगे और इसका समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।
अपने बेटे विजयेंद्र पर सरकार के कामकाज में दखल देने और सिंचाई परियोजना में रिश्वत लेने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं और सिंचाई विभाग के सचिव सारे बातें साफ करेंगे। अनावश्यक रूप से ऐसे आरोप लगाए गए। इनका कोई आधार नहीं है। यह सब राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है। इससे पहले खुद को हटाए जाने पर सीएम ने कहा था कि जब तक भाजपा हाईकमान का उन पर विश्वास है, वह सीएम पद पर रहेंगे।
विश्वनाथ का आरोप : विजयेंद्र के कहने पर बिना मंजूरी के बनाया 21,473 करोड़ का टेंडर
असंतुष्ट एमएलसी एएच विश्वनाथ खुलकर येदियुरप्पा के खिलाफ आ गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को दावा किया कि पार्टी महासचिव अरुण सिंह से मुलाकात करने वाले ज्यादातर नेता प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में हैं।
उन्होंने कहा कि सिंह से मुलाकात करने वाले नेता खुलकर कुछ नहीं कह रहे हैं। 80 फीसदी से अधिक नेता नेतृत्व परिवर्तन चाहते हैं। ऐसा नहीं होने पर पार्टी नहीं बचेगी और सत्ता में आना मुश्किल होगा। इससे पहले कई भाजपा विधायकों और मंत्रियों ने येदियुरप्पा से पद छोड़ने की मांग की थी।
पर्यटन मंत्री सीपी योगेश्वर ने कहा था कि मुख्यमंत्री की जगह उनके बेटे शासन चला रहा रहे हैं। भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने भी येदियुरप्पा को हटाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग ने जल्दबाजी और बिना वित्तीय मंजूरी के 21,473 करोड़ रुपये का टेंडर तैयार कर दिया। इसके लिए कोई बैठक तक नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि इसका मकसद ठेकेदारों से रिश्वत लेना है। यह एक तरह से घोटाला ही है। वह दो साल पहले जदएस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने पार्टी प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष व सीएम के बेटे बीवाई विजयेंद्र पर सरकार के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों समेत ‘पूरा प्रदेश’ सरकार-प्रशासन में विजयेंद्र के हस्तक्षेप की चर्चा कर रहा है। वह सभी विभागों में दखल देते हैं। उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा पहले भी परिवार के चलते जेल जा चुके हैं। हमें भय है कि इस बार फिर उन्हें जेल न जाना पड़े।
नेतृत्व का मुद्दा सुलझ चुका है : उपमुख्यमंत्री
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सीएन अश्वथनारायण ने विश्वनाथ के आरोपों को खारिज किया और पार्टी महासचिव व पार्टी अध्यक्ष द्वारा नेतृत्व का मुद्दा पहले ही सुलझाया जा चुका है। हम इस बारे में इस वक्त कोई बात नहीं करना चाहते। केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व इस मामले को देखेगा।
फोन टैपिंग के आरोपों की पुलिस कर रही जांच : बोम्मई
प्रदेश के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि पुलिस भाजपा विधायक अरविंद बेल्लाड के फोन टैपिंग और उनको फंसाने के आरोपों की जांच कर रही है। इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हुबली-धारवाड़ पश्चिम से विधायक बेल्लाड को येदियुरप्पा विरोधी खेमे का माना जाता है। उन्होंने बृहस्पतिवार को फोन टैप किए जाने और किसी साजिश में फंसाए जाने का आरोप लगाया था। इसे लेकर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा था।