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Interview: 'सिक्किम को बर्बाद करने वालों की जमानत जब्त होगी'; तमांग बोले- जनता से सेवा का इनाम मिलने का भरोसा
Thu, 18 Apr 2024 07:15 AM IST
एन अर्जुन
गंगटोक, अमर उजाला
गंगटोक, अमर उजाला
Published by: एन अर्जुन
Updated Thu, 18 Apr 2024 07:15 AM IST
सार
देश की सियासी सरगर्मियों के बीच सिक्किम में विधानसभा चुनाव भी कराए जाने हैं। पूर्वोत्तर के सियासी समीकरणों पर प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि सिक्किम को बर्बाद करने वाले लोगों की जमानत जब्त हो जाएगी। तमांग ने कहा कि उन्हें इस बात का पूरा भरोसा है कि जनता उन्हें पांच साल की सेवा का इनाम देगी।
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सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (फाइल)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग अपनी पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। उनको भरोसा है कि सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) विधानसभा की 32 में से 32 सीटें जीतेगा। कहते हैं, जो सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) 25 वर्षों तक केवल जनता को झांसे देता रहा, आज सिक्किम को बचाने की बात कर रहा है। इस बार सिक्किम बचाओ के नाम पर झांसा देने वालों की जमानत जब्त होगी। हमने पिछले पांच वर्षों में क्या काम किया, उसका जवाब तो जनता वोट के माध्यम से देगी। तमांग के साथ एन. अर्जुन ने सरकार के पांच साल के कार्यों को लेकर बातचीत की। पेश है प्रमुख अंश...
25 साल तक एसडीएफ ने क्या किया ?
25 वर्ष में एसडीएफ सरकार ने जनता को गुमराह करके रखा। जनता को सपने दिए कि आपको लखपति, करोड़पति बनाऊंगा। जनता ने समझ लिया कि यह झूठों का पुलिंदा वाली सरकार है। एसडीएफ ने केवल अपने परिवार और व्यापार के साम्राज्य को बढ़ाने का काम किया। गरीब के लिए कुछ नहीं किया। इसलिए जनता ने एसकेएम पर विश्वास किया और 2019 में हमको सरकार चलाने की जिम्मेदारी दी।
पांच वर्षों की सेवा के बाद इस बार क्या लग रहा ?
2019 में जैसे ही हमें सेवा का मौका मिला उसी वक्त कोविड ने पूरे विश्व को दबोच लिया। फिर भी हमने काम किया। न धर्म देखा, न जाति, सबकी सेवा की। इसलिए सबसे कम मामले हमारे यहां आए। एसडीएफ ने 25 वर्षों तक राज किया, लेकिन स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई काम नहीं किया। इस कारण हमको दिक्कत हुई। कोरोना से निकले ही थे कि 2023 में भीषण बाढ़ का प्रकोप आया। हमने उसका भी मुकाबला किया। उसी सेवा को देखते हुए कह सकते हैं कि मतदाताओं का झुकाव करीब-करीब 90 फीसदी हमारी सरकार की तरफ है।
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बईनी योजना किस तरह महिलाओं को लाभ पहुंचा रही?
हमारी सरकार में बईनी (बहन) योजना के तहत सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को मुफ्त में सैनिटरी नैपकिन दिए जाते हैं। जब हमने योजना शुरू की तो पूर्व मुख्यमंत्री ने हंसी उड़ाई। अब हम इस योजना को कॉलेज में भी शुरू करने जा रहे हैं। इसी तरह आमा योजना के तहत हर साल गरीब 32 माताओं को 40 हजार रुपये सहायता देती है।
वात्सल्य योजना से कितना पहुंचा फायदा
हर शादीशुदा महिला मां बनने का ख्वाहिश रखती है, लेकिन अगर किसी की संतान न हो तो उसके लिए सरकार ने आईवीएफ के लिए वात्सल्य योजना शुरू की है।
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25 साल तक एसडीएफ ने क्या किया ?
25 वर्ष में एसडीएफ सरकार ने जनता को गुमराह करके रखा। जनता को सपने दिए कि आपको लखपति, करोड़पति बनाऊंगा। जनता ने समझ लिया कि यह झूठों का पुलिंदा वाली सरकार है। एसडीएफ ने केवल अपने परिवार और व्यापार के साम्राज्य को बढ़ाने का काम किया। गरीब के लिए कुछ नहीं किया। इसलिए जनता ने एसकेएम पर विश्वास किया और 2019 में हमको सरकार चलाने की जिम्मेदारी दी।
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पांच वर्षों की सेवा के बाद इस बार क्या लग रहा ?
2019 में जैसे ही हमें सेवा का मौका मिला उसी वक्त कोविड ने पूरे विश्व को दबोच लिया। फिर भी हमने काम किया। न धर्म देखा, न जाति, सबकी सेवा की। इसलिए सबसे कम मामले हमारे यहां आए। एसडीएफ ने 25 वर्षों तक राज किया, लेकिन स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई काम नहीं किया। इस कारण हमको दिक्कत हुई। कोरोना से निकले ही थे कि 2023 में भीषण बाढ़ का प्रकोप आया। हमने उसका भी मुकाबला किया। उसी सेवा को देखते हुए कह सकते हैं कि मतदाताओं का झुकाव करीब-करीब 90 फीसदी हमारी सरकार की तरफ है।
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बईनी योजना किस तरह महिलाओं को लाभ पहुंचा रही?
हमारी सरकार में बईनी (बहन) योजना के तहत सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को मुफ्त में सैनिटरी नैपकिन दिए जाते हैं। जब हमने योजना शुरू की तो पूर्व मुख्यमंत्री ने हंसी उड़ाई। अब हम इस योजना को कॉलेज में भी शुरू करने जा रहे हैं। इसी तरह आमा योजना के तहत हर साल गरीब 32 माताओं को 40 हजार रुपये सहायता देती है।
वात्सल्य योजना से कितना पहुंचा फायदा
हर शादीशुदा महिला मां बनने का ख्वाहिश रखती है, लेकिन अगर किसी की संतान न हो तो उसके लिए सरकार ने आईवीएफ के लिए वात्सल्य योजना शुरू की है।
- राज्य की कोई महिला आईवीएफ को अपनाना चाहती है तो उसे हम तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद देते हैं। 150 से अधिक महिलाओं की सरकार ने मदद की और 60 से अधिक महिलाएं इस योजना से मां बनी हैं।
- इसी तरह राज्य में कहीं भी बच्चा जन्म लेता है तो उसे फॉरेस्ट विभाग में रजिस्टर करना होता है। जब पेड़ लगाने का समय आता है तो उस बच्चे के नाम पर 108 पेड़ लगाने होंगे। ऐसा करने से बच्चे पेड़ के साथ जुड़ेंगे।