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राहुल गांधी-खरगे से नहीं मिलेंगे सीजेआई सूर्यकांत: एसआईआर और पुलिस कार्रवाई पर उठाने थे सवाल, क्या है मामला?
Sun, 11 Oct 2026 10:37 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 11 Oct 2026 10:37 PM IST
सार
सीजेआई सूर्यकांत ने एसआईआर पर चर्चा के लिए राहुल गांधी को मिलने का समय देने से इनकार कर दिया है। उनके मुताबिक, ये मुद्दे पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। हालांकि, विपक्ष अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत में याचिका दाखिल कर सकता है। राहुल गांधी ने एसआईआर वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की घोषणा की थी।
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सीजेआई ने राहुल गांधी को नहीं दिया मिलने का समय
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने राहुल गांधी को मिलने का समय देने से इनकार कर दिया है। राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। वह सोमवार को सीजेआई से मिलना चाहते थे। उन्हें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर बात करनी थी। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई ने राहुल गांधी के आधिकारिक ईमेल का जवाब देते हुए यह बात कही।
सीजेआई ने मुलाकात को उचित क्यों नहीं माना?
रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जिन मुद्दों पर राहुल गांधी बात करना चाहते हैं, वे पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। इसलिए इस बारे में अलग से मुलाकात करना उचित नहीं होगा।
क्या विपक्ष अदालत में अपनी बात रख सकता है?
सीजेआई ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट सरकार के प्रशासनिक कामकाज में सीधे दखल नहीं दे सकता। हालांकि, विपक्षी नेता अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत में याचिका दाखिल कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्ष की ओर से ऐसी कोई याचिका आती है तो मंगलवार को एसआईआर से जुड़े दूसरे मामलों के साथ उस पर भी सुनवाई हो सकती है।
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यह भी पढ़ें: राहुल गांधी का एलान: कल सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा विपक्ष, वोट चोरी और एसआईआर रोकने की मांग
राहुल गांधी क्या मांग करने वाले थे?
राहुल गांधी ने रविवार को कहा था कि विपक्षी दल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। वे सीजेआई को एक ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें एसआईआर प्रक्रिया वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने एसआईआर कराने के चुनाव आयोग के अधिकार को वैध माना था। यानी अदालत ने इस प्रक्रिया को कराने के चुनाव आयोग के अधिकार को बरकरार रखा था। इसके अलावा, मुख्य चुनाव आयुक्त के कुछ फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। आरोप है कि ये फैसले दूसरे चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए थे।
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सीजेआई ने मुलाकात को उचित क्यों नहीं माना?
रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जिन मुद्दों पर राहुल गांधी बात करना चाहते हैं, वे पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। इसलिए इस बारे में अलग से मुलाकात करना उचित नहीं होगा।
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क्या विपक्ष अदालत में अपनी बात रख सकता है?
सीजेआई ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट सरकार के प्रशासनिक कामकाज में सीधे दखल नहीं दे सकता। हालांकि, विपक्षी नेता अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत में याचिका दाखिल कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्ष की ओर से ऐसी कोई याचिका आती है तो मंगलवार को एसआईआर से जुड़े दूसरे मामलों के साथ उस पर भी सुनवाई हो सकती है।
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राहुल गांधी क्या मांग करने वाले थे?
राहुल गांधी ने रविवार को कहा था कि विपक्षी दल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। वे सीजेआई को एक ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें एसआईआर प्रक्रिया वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने एसआईआर कराने के चुनाव आयोग के अधिकार को वैध माना था। यानी अदालत ने इस प्रक्रिया को कराने के चुनाव आयोग के अधिकार को बरकरार रखा था। इसके अलावा, मुख्य चुनाव आयुक्त के कुछ फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। आरोप है कि ये फैसले दूसरे चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए थे।