फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CJI Sexual harassment Case : in-house committee has found no substance against Ranjan Gogoi

यौन उत्पीड़न मामले में चीफ जस्टिस गोगोई को क्लीन चिट, पैनल ने कहा- आरोपों में दम नहीं

Mon, 06 May 2019 05:48 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Mon, 06 May 2019 05:48 PM IST
विज्ञापन
CJI Sexual harassment Case : in-house committee has found no substance against Ranjan Gogoi
सीजेआई रंजन गोगोई (फाइल फोटो)

यौन उत्पीड़न के आरोप में घिरे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को आंतरिक जांच समिति ने क्लीन चिट दे दी है। पैनल ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में कोई दम नहीं है।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम जज जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाले इस पैनल ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को तथ्य व सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया। तीन सदस्यीय इस पैनल में दो महिला जज जस्टिस इंदू मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी थीं।
विज्ञापन

 
सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में कहा गया है कि आंतरिक जांच समिति ने पांच मई को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। प्रेस नोट में कहा गया है कि समिति ने आरोपों को तथ्यहीन पाया है। साथ ही सेक्रेटरी जनरल ने इंदिरा जयसिंह बनाम सुप्रीम कोर्ट व अन्य (2003) मामले का हवाला देते हुए कहा है कि इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं जा सकता। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उस फैसले में सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने इंदिरा जयसिंह द्वारा दाखिल उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट के जज पर लगे आरोपों को लेकर गठित दो चीफ जस्टिस और हाईकोर्ट के एक जज की समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की गुहार की थी।
 
सनद रहे कि इस मामले में शिकायतकर्ता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिलाकर्मी दो बार आंतरिक जांच समिति के समक्ष पेश हुई थी, लेकिन उसके बाद 35 वर्षीय इस महिला ने जांच समिति के पास जाने से इनकार कर दिया था। महिला ने पैनल की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पेश होने से इनकार किया था। 

महिला का कहना था कि उसे पैनल से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। उसका कहना था कि उसे अपने साथ वकील ले जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। महिला का यह भी कहना था कि पैनल के समक्ष उसे जाने में डर लगता है। महिला की यह भी शिकायत थी कि आंतरिक जांच समिति की कार्यवाही की वीडियो व ऑडियो रिकॉर्डिंग नहीं हो रही है। बाद में चीफ जस्टिस गोगोई भी जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए थे। 

जस्टिस गोगोई ने कहा था इसके पीछे बड़ी ताकत

पूर्व महिलाकर्मी द्वारा लगाए गए इस आरोप की खबर कुछ समाचार पोर्टल पर प्रकाशित होने के बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने गत 20 अप्रैल को छुट्टी वाले दिन सुनवाई की थी। उस दिन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था। 

चीफ जस्टिस ने इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर गंभीर खतरा करार दिया था। उन्होंने कहा था कि कोई ताकत चीफ जस्टिस के दफ्तर व न्यायपालिका को निष्क्रिय या तहस-नहस करना चाहती है, लेकिन हम ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे। पीठ ने कहा था कि न्यायपालिका को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। 

सुप्रीम कोर्ट के वकील उत्सव बैंस ने किया था साजिश का दावा

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के वकील उत्सव बैंस ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर लगे यौन शोषण के आरोपों के पीछे साजिश होने का दावा किया था। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने उन्हें नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने बैंस को दायर शपथपत्र में दावों को स्पष्ट करने को कहा था।

बैंस ने अपनी जिस फेसबुक पोस्ट में साजिश की बात कही थी, उसी में उन्होंने ये भी लिखा था कि मुझे लोगों को ये बात बताने से पहले कई वरिष्ठ शुभचिंतकों ने रोका था। शुभचिंतकों ने मुझसे कहा था कि जिन जजों की लॉबी ने ये साजिश रची है, वो मेरे खिलाफ हो जाएगी और मुझे व्यावसायिक रूप से नुकसान पहुंचाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed