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अयोध्या मामले पर सुनवाई के लिए नई बेंच गठित, सीजेआई ने दो नए जज किए शामिल
Fri, 25 Jan 2019 06:41 PM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 25 Jan 2019 06:41 PM IST
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supreme court
- फोटो : PTI
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अयोध्या मामले में नई बेंच का गठन किया है। इस मामले में 29 जनवरी को पांच जजों की बेंच सुनवाई करेगी। चीफ जस्टिस ने इस नई बेंच का गठन किया है। बेंच में दो नए जजों को शामिल किया गया है। इन नए जजों में जज अशोक भूषण और अब्दुल नजीर शामिल हैं।
बता दें कि 10 जनवरी को हुई सुनवाई को 29 जनवरी के लिए टाल दिया गया था। उस दिन इस मामले में एक और तारीख मिलने के बाद कोर्ट के बाहर खड़े लोगों का गुस्सा बढ़ गया था। इससे नाराज लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। एक गुट ने तो चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर रासुका लगाने तक की तख्ती लहरा डाली थी।
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गौरतलब है कि मुस्लिम पक्षकार ने जस्टिस ललित और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह कनेक्शन को लेकर सवाल उठाए जिसके बाद जस्टिस ललित ने खुद को इस केस की सुनवाई से अलग कर लिया है। इसके अलावा हिंदू महासभा के वकील ने दस्तावेजों के अनुवाद की जांच करने की मांग की है। वहीं बाहर खड़ी महिला प्रदर्शनकारी भी काफी आक्रोशित थीं और उनका प्रदर्शन इतना उग्र था कि पुलिस को उन्हें हिरासत में लेना पड़ा था।
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Chief Justice of India Ranjan Gogoi reconstitutes Ayodhya bench, Justice Ashok Bhushan and Justice Abdul Nazeer now included. The case will be heard on January 29. #SupremeCourt pic.twitter.com/7wuQz5O93s
— ANI (@ANI) January 25, 2019विज्ञापन
बता दें कि 10 जनवरी को हुई सुनवाई को 29 जनवरी के लिए टाल दिया गया था। उस दिन इस मामले में एक और तारीख मिलने के बाद कोर्ट के बाहर खड़े लोगों का गुस्सा बढ़ गया था। इससे नाराज लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। एक गुट ने तो चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर रासुका लगाने तक की तख्ती लहरा डाली थी।
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गौरतलब है कि मुस्लिम पक्षकार ने जस्टिस ललित और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह कनेक्शन को लेकर सवाल उठाए जिसके बाद जस्टिस ललित ने खुद को इस केस की सुनवाई से अलग कर लिया है। इसके अलावा हिंदू महासभा के वकील ने दस्तावेजों के अनुवाद की जांच करने की मांग की है। वहीं बाहर खड़ी महिला प्रदर्शनकारी भी काफी आक्रोशित थीं और उनका प्रदर्शन इतना उग्र था कि पुलिस को उन्हें हिरासत में लेना पड़ा था।