फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CJI Justice Dipak Misra will retire on October 2 last few days key verdicts From Aadhaar to Ayodhya

रिटायरमेंट से पहले आठ बड़े फैसलों पर मुहर लगाएंगे सीजेआई दीपक मिश्रा

Mon, 24 Sep 2018 12:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 24 Sep 2018 12:17 PM IST
विज्ञापन
CJI Justice Dipak Misra will retire on October 2 last few days key verdicts From Aadhaar to Ayodhya
दीपक मिश्रा - फोटो : SELF

उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा दो अक्तूबर को रिटायर हो जाएंगे। उनके पास महज एक सप्ताह और कुछ दिन का समय ही बचा है। अपने मुख्य न्यायाधीश के कार्यकाल में दीपक मिश्रा सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले न्यायाधीश रहे। अगर बीते दो दशकों की बात की जाए तो मिश्रा के अलावा ऐसा कोई दूसरा मुख्य न्यायाधीश नहीं रहा है, जिसने इतनी अधिक संवैधानिक पीठों का नेतृत्व किया हो। मिश्रा ने ऐसी कई बेंचों का भी नेतृत्व किया है, जो देश की राजनीतिक, धार्मिक और आर्थिक परिस्थिति के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं।

विज्ञापन


पिछले दिनों दीपक मिश्रा की पांच सदस्यीय नेतृत्व वाली संवैधानिक बेंच ने समलैंगिकों को अपराध बताने वाली धारा 377 को हटाने का फैसला दिया जिसके बाद वह पूरे देश में छा गए। अब जब उनकी रिटायरमेंट में महज  नौ दिन रह गए हैं, जिनमें से छह दिन ही काम-काज के हैं। बता दें कि इन छह दिनों में  सीजेआई के नेतृत्व वाली अलग-अलग संवैधानिक पीठ की ओर से आठ अहम मामलों की सुनवाई की जानी है।
विज्ञापन


आधार से अयोध्या तक के मामले की होनी है सुनवाई

इन आठ मामलों में आधार कार्ड से लेकर अयोध्या  तक के गंभीर मामलों की सुनवाई की जानी है। उनकी बेंच में सुप्रीम कोर्ट के दस जज, जस्टिस कुरियन जोसेफ, एके सीकरी, आर.एफ. नरीमन, ए.एम. खानविलकर, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण, संजय किशन कौल, एस. अब्दुल नजीर और इंदु मल्होत्रा शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आधार मामले पर कई पक्षों ने याचिका दायर की है। इनमें उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जज के. पुत्तास्वामी भी शामिल हैं। इन याचिकाओं में कहा गया है कि आधार कार्ड से देशवासी की निजता भंग होती है। आधार कार्ड को लेकर करीब साढ़े 4 महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। 40 दिन की मैराथन सुनवाई के बाद पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

अब तक देश के 118 करोड़ लोगों तक आधार पहुंच चुका है और मोदी सरकार ने तमाम योजनाओं के लिए इसे अनिवार्य दस्तावेज के तौर पर मंजूरी दे दी है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने बैंक के खाता खोलने और मोबाइल नंबर लेने के लिए आधार की अनिवार्यता पर रोक लगा दी है। आधार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि सामाजिक और आर्थिक कल्याण की योजनाओं का संचालन कैसे होता है। इसके अलावा अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला तय करेगा कि आखिर अब कितने सालों में अंतिम निर्णय आ सकेगा।

CJI Justice Dipak Misra will retire on October 2 last few days key verdicts From Aadhaar to Ayodhya
जस्टिस दीपक मिश्रा

मोदी सरकार का एक राष्ट्र एक पहचान का स्लोगन करो या मरो की स्थिति बना हुआ है। और इसकी सफलता और असफलता दीपक मिश्रा के आने वाले इस फैसले पर निर्भर करती है। अब देखना यह है कि क्या आधार पर आने वाला फैसला गरीबों को आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रभावित करता है।

इसी हफ्ते सबरीमाला मंदिर पर भी अपना फैसला सुनाएंगे। परंपरा के अनुसार इस मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं का प्रवेश वर्जित बताया गया है क्योंकि इस दौरान महिलाएं माहवारी से गुजरती हैं और ऐसी मान्यता है कि इस दौरान महिलाओं को किसी भी शुभ और पूजन कार्य में सम्मलित नहीं किया जा सकता है।  दूसरा अहम फैसला सरकारी कर्मचारियों में जाति धर्म के नाम पर आरक्षण और प्रमोशन पर आना है।

इसके साथ ही जिन राजनीतिज्ञों पर किसी न किसी तरह के अपराध का आरोप लगा है ऐसे राजनेता के जीवन का फैसला भी दीपक मिश्रा जाते-जाते सुनाने वाले हैं। बता दें कि फिलहाल ऐसे आपराधिक मामलों में लिप्त राजनीतिज्ञ छह वर्ष तक चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। फिलहाल मांग यह है कि जघन्य अपराध के मामले जिन नेताओं पर दर्ज है उनके चुनाव लड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed