नागरिकता बिल: उद्धव ठाकरे के रुख ने बढ़ाया सस्पेंस, श्रीलंकाइयों के समर्थन में आए श्री श्री रविशंकर
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Maharashtra CM Uddhav Thackeray: We will not give support to the Bill (Citizenship Amendment Bill) unless things are clear. pic.twitter.com/v06hdA0W9O
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 10, 2019
उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर किसी नागरिक को इस विधेयक से डर लग रहा है तो उसकी शंका को दूर किया जाना चाहिए। वे सभी हमारे नागरिक हैं और उन्हें अपने सवालों का जवाब मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर कोई इस बिल से असहमत है तो उसे देशद्रोही कहना उनका भ्रम है। हमने राज्यसभा में पेश होने से पहले इस बिल में सुधार की मांग की है। ये एक भ्रम है कि सिर्फ भाजपा ही देश की चिंता करती है।
इससे पहले सांसद संजय राउत ने भी इसे लेकर साफ साफ कुछ नहीं कहा। इस बिल को शिवसेना राज्यसभा में समर्थन देगी या नहीं, इस सवाल के जवाब में शिवसेना सांसद संजय राउत ने सिर्फ इतना ही कहा कि पार्टी का स्टैंड बुधवार को पता लगेगा।
वहीं, शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने बिल को समर्थन के सवाल पर कहा था, अलग अलग भूमिका होती है क्या हमारी? राष्ट्र के हित की भूमिका को लेकर शिवसेना हमेशा खड़ी रहती है, इसपर किसी का एकाधिकार नहीं है।
Arvind Sawant, Shiv Sena on if the party will support CAB (Citizenship Amendment Bill) in Rajya Sabha after supporting it in Lok Sabha: Alag alag bhumika hoti kya humari? Rashtra ki hith ki bhumika lekar Shiv Sena khadi rehti hain, yeh kisi ki monopoly nahi hai. pic.twitter.com/9c3wHW6Uj5
— ANI (@ANI) December 10, 2019
दूसरी तरफ नागरिकता संशोधन विधेयक पर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। असम में छात्रों का बिल के खिलाफ विरोध मंगलवार को भी जारी रहा।
Assam: Students continue to protest on the streets of Guwahati against #CitizenshipAmendmentBill. The Bill was passed in Lok Sabha last night. pic.twitter.com/j9ytEQhdSy
— ANI (@ANI) December 10, 2019
बता दें कि महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना ने लोकसभा में इस बिल के पक्ष में वोट दिया था। लंबी बहस के बाद लोकसभा में इसे पास कर दिया गया। इस दौरान जेडीयू, बीजेडी, अकाली दल ने भी सरकार का साथ दिया।
बुधवार को इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा जहां सरकार के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है। राज्यसभा में पास होने के बाद ही ये बिल कानून का रूप लेगा। इसके मद्देनजर तमाम दलों ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है। बुधवार को ही साफ होगा कि ये बिल कानून का रूप लेगा या नहीं।
एक लाख तमिलों को नागरिकता दे केंद्र: श्रीश्री रवि शंकर
इसी बीच आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रवि शंकर ने मंगलवार को केंद्र सरकार से एक लाख से अधिक श्रीलंका के उन तमिल शरणार्थिओं को नागरिकता देने की मांग की है जो तीन दशक से अधिक समय से भारत में रह रहे हैं। गीतकार वायरामुथु ने भी इसी तरह की मांग उठाई है।
एक ट्वीट में रवि शंकर ने कहा कि वह भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि 35 सालों से भारत में रह रहे तमिल श्रीलंकाइयों को नागरिकता देने पर विचार करे। वायरामुथु ने ट्वीट में कहा कि इन शरणार्थिओं को पड़ोसी देश का नागरिक नहीं समझा जाना चाहिए।