अब CISCE बोर्ड में पढ़ाई जाएंगी एनसीईआरटी की किताबें
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काउंसिल फॉर दि इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) के छात्रों के लिए काम की खबर है। काउंसिल ने दसवीं से लेकर 12वीं तक के सिलेबस और एग्जाम पैटर्न में बदलाव कर दिए हैं। खास बात यह है कि अब पूरा सिलेबस सीबीएसई की तर्ज पर होगा और इसमें एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाएंगी।
12वीं में बदले पैटर्न को अगले सत्र यानी 2017 से लागू किया जाएगा, जबकि 11वीं में कुछ बदलाव इसी वर्ष से लागू कर दिए गए हैं। अब एनसीईआरटी की किताबों से 11वीं के स्टूडेंट पढ़ाई कर सकते हैं।
बदलाव की जानकारी देशभर स्कूलों को काउंसिल के चीफ एग्जीक्यूटिव गैरी ऑर्थन ने भेजी है। काउंसिल के मेंबर फादर रॉल्फी बताते हैं कि इस बदलाव से स्टूडेंटों को काफी फायदा होगा। वह सीबीएसई के पैटर्न पर होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
चार सब्जेक्ट पर बोर्ड का रहेगा फोकस
काउंसिल ने अपना मेन फोकस चार सब्जेक्ट पर किया है। इसके सिलेबस और एग्जाम के मार्किंग सिस्टम में बदलाव किए गए हैं। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ और बॉयोलॉजी शामिल हैं। फादर रॉल्फी बताते हैं कि काउंसिल से 12वीं पास करने के बाद इंजीनियरिंग या फिर मेडिकल के क्षेत्र में जाने वाले स्टूडेंटों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
इसलिए अब पूरा सिलेबस ही सीबीएसई के पैटर्न पर हो गया है। इससे स्टूडेंटों की आगे की राह आसान हो जाएगी। काउंसिल द्वारा एनसीईआरटी की किताबों को हरी झंडी मिलने का बड़ा फायदा स्टूडेंट और उनके पैरेंट्स को भी होगा। उन पर महंगी किताबें खरीदने का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
एनसीईआरटी की किताबें नि:शुल्क भी उपलब्ध होती हैं। ऐसे में जो स्टूडेंट किताब खरीदने में सक्षम नहीं होंगे वह इसका लाभ ले सकेंगे। जेईई मेंस, एडवांस और मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम में अपने स्टूडेंटों के घटते परफारमेंस को देखते हुए काउंसिल ने उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ इन एग्जाम की तैयारी कराने का भी फैसला लिया है। इसके तहत स्टूडेंटों की स्पेशल क्लासें लगाई जाएंगी।