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चीन की नई चाल, एनएसजी के लिए शर्तों पर करेगा भारत का समर्थन!

Fri, 15 Jul 2016 01:26 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 15 Jul 2016 01:26 PM IST
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Chinese Ambassador Liu Jinsong signals room for talks on India in NSG
चीनी राजदूत ने बताया, 'समर्थन के रास्ते खुले हैं' - फोटो : file photo

परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत को शामिल करने के विरोध में कट्टरता से खड़ा चीन अब अपने रुख में नरमी बरत रहा है। चीन की तरफ से मिल रहे संकेतों से लग रहा है कि अभी भारत के लिए एनएसजी में शामिल होने का रास्ता पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है। चीन के राजदूत ने खुद दिल्ली में इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में ये बात स्वीकारी है कि चीन की तरफ से भारत तो समर्थन करने की गुंजाइश अभी बाकी है।

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चीन के राजदूत लिउ जिनसोंग के मुताबिक एनएसजी में शामिल नहीं हो पाने के लिए भारत ने सीधे नाम लेकर चीन को दोषी नहीं ठहराया है। भारत की तरफ से कहा गया है कि एक देश एनएसजी में उसके लिए रोड़ा बन रहा है। इसलिए, चीन और भारत के बीच अभी बात-विमर्श के जरिए समस्या के निपटाने के रास्ते खुले हैं।
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लिउ ने अप्रत्यक्ष तौर पर दक्षिण चीन सागर मुद्दे का जिक्र किया और कहा इस रूट से व्यापार में आ रही समस्याओं का निपटारा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन और भारत दोनों ही अमन पसंद देश हैं। उन्होंने यहा तक कहा कि भारत को अपने सेन्य क्षमता बढ़ाने की चिंता नहीं करनी चाहिए।
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दक्षिण चीन सागर में चीन के कब्जे को लेकर लिउ ने कहा कि वे वहां इसलिए हैं, ताकि जनहितैषी सुविधाएं जैसे कि मौसम की जानकारी, राहत और चिकित्सा में सहयोग आदी सुविधाएं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को मुहैया करा सकें।

'भारत ने नहीं लिया सीधे नाम तो हम कैसे मान लें'

Chinese Ambassador Liu Jinsong signals room for talks on India in NSG

एनएसजी पर लिउ से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा ''पिछले महीने यह मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। अब मामला थोड़ा ठंडा पड़ गया है। मैं इस मुद्दे के बारे में ज्यादा बात करके दोबारा इसे हवा नहीं देना चाहता हूं। मैं इस मामले के लिए समय और गुजाइश छोड़ता हूं ताकि कूटनीतिक तरीके से समस्या का हल किया जा सके।''

उन्होंने ने कहा ''अभी तक भारत की तरफ से आधिकारिक तौर पर एनएसजी में शामिल नहीं हो पाने के लिए चीन का नाम नहीं लिया गया है। आप कैसे कह सकते हैं कि चीन की वजह से भारत को एनएसजी में एंट्री नहीं मिली?''

उन्होंने कहा कि जब भारत ने चीन का नाम लेकर उसे दोषी नहीं ठहराया है तो आप इसके लिए चीन के सिर कैसे दोष मढ़ सकते हैं।

'मसूद कहां है ये पता लगाना चाहिए'

Chinese Ambassador Liu Jinsong signals room for talks on India in NSG

लिउ के मुताबिक चीन चाहता है कि एनएसजी में एंट्री के लिए किसी भी देश को तीन शर्तों का पालन करना चाहिए, जिनमें पहली यही है नियमों की अनदेखी न हो। 

लिउ से पूछा गया कि क्या वह इसी वर्ष एनएसजी के लिए भारत का समर्थन करेंगे?

इस पर भी उन्होंने कहा कि वे कोई तय वक्त नहीं बता सकते हैं। वहीं, एमटीसीआर में भारत के शामिल किए जाने पर भी उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई।

बता दें कि चीन कई वर्षों से एमटीसीआर में शामिल होने की कोशिश कर रहा है। लिउ के मुताबिक ये अच्छा है कि भारत अब एनटीसीआर का सदस्य है।

आतंकवादी अजहर मसूद को लेकर लिउ ने कहा कि वे मसूद को नहीं जानते हैं। उन्होंने कहा कि मसूद कहां का है ये पता लगाना चाहिए।

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