{"_id":"595bb9684f1c1b5b338b49ae","slug":"china-says-doklam-situation-grave-rules-out-compromise","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चीन की धमकी- भारत को पीछे हटना ही होगा, समझौते की कोई गुंजाइश नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
चीन की धमकी- भारत को पीछे हटना ही होगा, समझौते की कोई गुंजाइश नहीं
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
Updated Wed, 05 Jul 2017 08:56 AM IST
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भारत-चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच चीन ने भारत के साथ सैन्य गतिरोध पर समझौता करने से इंकार करते हुए नई दिल्ली से इस गंभीर स्थिति को हल करने के लिए कहा है। चीनी राजदूत लू झाओहुई ने कहा कि सिक्किम में सैन्य गतिरोध पर भारत के साथ किसी समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है।
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गीदड़ भभकी देते हुए लू ने कहा कि गेंद अब भारत के पाले में है और भारत को फैसला लेना है कि वह कौन सा विकल्प चुनता है। इस बीच हिंद महासागर में चीन के जहाजों व पनडुब्बियों को देखे जाने से भारत की चिंता बढ़ गई है। भारतीय नौसेना यहां पूरी तरह अलर्ट है।
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भारत में चीन के राजदूत से जब ‘ग्लोबल टाइम्स’ में चीनी थिंक टेंकों के हवाले से छपी उस खबर के बारे में पूछा गया जिसमें कहा गया है कि सिक्किम का संघर्ष यदि सही तरह से भारत ने हैंडल नहीं किया तो दोनों देशों के बीच युद्ध भी छिड़ सकता है, तो लू झाओहुई ने कहा कि - ‘इसमें उस विकल्प के बारे में बात की गई है जो भारत सरकार की नीति पर निर्भर करती है’ (क्या भारत सैन्य विकल्प का प्रयोग चाहता है)। लू ने धमकी दी कि - ‘चीन की सरकार पूरी तरह से स्पष्ट है कि वह शांतिपूर्ण समाधान चाहती है जिसके लिए भारतीय सेना को वहां से वापसी एक पूर्व शर्त है।’ उन्होंने कहा कि - ‘सीमा सेे भारतीय सेना की बिना शर्त वापसी पहली प्राथमिकता है और इसी के बाद भारत और चीन के बीच कोई अर्थपूर्ण बातचीत हो सकती है।’
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पिछले 19 दिनों से चीन की सेना द्वारा भारत-भूटान-चीन के ट्राइ-जंक्शन क्षेत्र में दोकलम इलाके के पास सड़क निर्माण को लेकर गतिरोध कायम है। चू्ंकि भूटान के चीन से कूटनीतिक रिश्ते नहीं हैं जबकि भारत उसे सैन्य और कूटनीतिक रूप से समर्थन देता है।
ऐसे में चीन इस इलाके को अपना बताते हुए सड़क निर्माण कर रहा है। भारतीय सेना इसका विरोध करते हुए सीमा पर डटी हुई है। भारत में चीन के राजदूत ने कहा कि - ‘सीमा पर हालात गंभीर हैं जिनसे मैं चिंतित हूं।’
उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब भारतीय सेना ने सीमा पार कर चीन के इलाके में प्रवेश किया है। लू ने दावा किया कि - ‘भारत को चीन-भूटान सीमा वार्ता के बीच में न तो हस्तक्षेप का अधिकार है और न ही भूटान की तरफ से उसे इस इलाके में अपना दावा जताने का हक है।’
इस बीच दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर हिंद महासागर में चीनी युद्धपोतों की बढ़ती संख्या ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। भारत के नौसैनिक सेटेलाइट जीसेट-7 ने चीन के कम से कम 13 नौसैनिक जहाजों को पिछले दो माह के दौरान भारतीय समुद्री क्षेत्र में घूमते हुए देखा है, जिनमें अत्याधुनिक लुयांग-3 और कुनमिंग क्लास स्टील्थ डेस्ट्रायर्स भी शामिल है। इस जहाज पर मिसाइलों को नष्ट करने वाला सिस्टम काम करता है। इससे अलावा चीन द्वारा युआन स्तर की पनडुब्बी को भी देखा गया है जो इस क्षेत्र में दाखिल होने वाली सातवीं पनडुब्बी है।
तनाव के बीच जर्मनी में होगी मोदी व जिनपिंग की मुलाकात
भारत-चीन-भूटान सीमा पर भारत और चीन के बीच तनातनी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जर्मनी के हेमबर्ग शहर में होने वाले जी-20 सम्मेलन में मुलाकात करेंगे। मोदी और जिनपिंग के बीच 7 और 8 जुलाई को जर्मनी में होने वाले 12वें जी-20 सम्मेलन के दौरान मुलाकात तय हुई है।
उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेताओं के बीच इस दौरान सिक्किम मसले पर होने वाली बात में इसका समाधान ढूंढ लिया जाएगा। मोदी सितंबर में ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए भी चीन जा रहे हैं। हालांकि इसमें दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी या नहीं इस पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेताओं के बीच इस दौरान सिक्किम मसले पर होने वाली बात में इसका समाधान ढूंढ लिया जाएगा। मोदी सितंबर में ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए भी चीन जा रहे हैं। हालांकि इसमें दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी या नहीं इस पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।