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न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत की सदस्यता का चीन ने फिर किया विरोध

Fri, 21 Jun 2019 04:40 PM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Gaurav Pandey Updated Fri, 21 Jun 2019 04:40 PM IST
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China again protested on India's membership in nuclear suppliers group
पीएम मोदी और शी जिनपिंग - फोटो : ANI

चीन ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत के प्रवेश को लेकर फिर अड़ंगा लगाया है। चीन ने शुक्रवार को कहा कि न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत के प्रवेश पर तब तक चर्चा नहीं होगी जब तक इस समूह में परमाणु हथियारों के अप्रसार पर संधि (एनपीटी) से बाहर के देशों की भागीदारी को लेकर एक स्पष्ट योजना तैयार नहीं हो जाती। 

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भारत ने मई 2016 में एनएसजी की सदस्यता के लिए आवेदन किया था। तब से ही चीन इस बात की रट लगा रहा है कि इस समूह में उन्हीं देशों को प्रवेश दिया जाए जिन्होंने परमाणु हथियारों के अप्रसार पर संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर किए हैं।  
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एनएसजी 48 देशों का एक समूह है जो वैश्विक परमाणु व्यापार का नियमन करता है। भारत और पाकिस्तान ने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। भारत द्वारा आवेदन करने के बाद पाकिस्तान ने भी साल 2016 में इसके लिए आवेदन कर दिया था।  
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एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन के रुख में कोई बदलाव होने से जुड़े सवालों पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने यहां मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि जिन देशों ने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किया है, उन्हें किसी विशेष योजना तक पहुंचे बगैर एनएसजी में शामिल करने पर कोई चर्चा नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘इसलिए भारत को शामिल किए जाने पर कोई चर्चा नहीं होगी।’ 


लु ने यह भी कहा कि चीन एनएसजी में भारत के प्रवेश को नहीं रोक रहा है। लु ने दोहराया कि बीजिंग चाहता है कि एनएसजी के नियम एवं प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। कजाकिस्तान के अस्ताना में 20-21 जून को एनएसजी की पूर्ण बैठक हो रही है। लु ने कहा, ‘...जहां तक मैं जानता हूं यह पूर्ण बैठक हो रही है और एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों की भागीदारी तथा उससे जुड़े राजनीतिक एवं कानूनी मुद्दों पर चर्चा होगी।’ 

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