दिल्ली के गुणा-भाग पर नायडू की लखनऊ तक दौड़, जोड़ रहे टूटी कड़ियां
- केंद्र में गैर भाजपा सरकार पर मंथन सपा-बसपा सुप्रीमो को 23 को दिल्ली आने का भी दिया न्यौता
- नायडू ने नहीं दिया बातचीत का ब्यौरा, पीएम पर तंज कसते हुए अखिलेश बोले, दो दिन मैं भी मौन
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गैर भाजपा मोर्चा बनाने के लिए तेलुगू देशम पार्टी के मुखिया और आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने लोकसभा चुनाव के नतीजों से पांच दिन पहले ही शनिवार को दिल्ली से लखनऊ तक दौड़ लगाई। लगातार दो दिनों से दिल्ली में विपक्षी दल के नेताओं से मुलाकात कर रहे नायडू ने शनिवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनके घर पर मुलाकात की। फिर एनसीपी नेता शरद पवार, भाकपा नेताओं जी. सुधाकर रेड्डी व डी. राजा के अलावा लोकतांत्रिक जनतादल के शरद यादव से भी मिले।
इसके बाद लखनऊ रवाना हो गए। वहां पहुंचकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती से अलग-अलग मुलाकात की। इस दौरान केंद्र में गैर भाजपा सरकार के गठन की संभावनाओं पर विचार किया गया। नायडू ने दोनों नेताओं से 23 मई को दिल्ली में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की ओर से बुलाई विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने को लेकर भी बात की। नायडू इससे पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी से भी मुलाकात कर चुके हैं।
अखिलेश संग घंटे भर बात, एनडीए को सत्ता से बाहर रखने पर जोर
विशेष विमान से लखनऊ पहुंचे नायडू और अखिलेश के बीच करीब एक घंटे बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक, उनका मानना है कि किसी एक दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा। ऐसे में सरकार के गठन में क्षेत्रीय दलों का दायित्व बढ़ जाता है। सहमति बनी कि एनडीए को सत्ता से बाहर रखने के लिए पुरजोर कोशिश हो।
सोनिया की बैठक के लिए माया-अखिलेश को मनाने की कोशिश
नायडू ने अखिलेश व मायावती को सोनिया की 23 मई की बैठक में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश की। दोनों इस बैठक में जाने से इनकार कर चुके हैं। सपा मुख्यालय पर वार्ता के बाद नायडू और अखिलेश ने मीडिया के सवालों पर कहा, सही समय पर निर्णय की जानकारी दी जाएगी। अखिलेश यादव से संवाददाताओं ने जब नायडू से मुलाकात के बारे में पूछा तो उन्होंने बिना नाम लिए पीएम मोदी पर तंज कसा। कहा, क्या मैं मौन नहीं रह सकता। फिर हंसते हुए कहा कि दो दिन तक मेरा भी मौन व्रत है।
एनडीए को दोबारा केंद्र में आने से रोकने के लिए विपक्षी महागठबंधन के गठन की कवायद की जो कड़ियां चुनाव से पहले टूट गई थीं, चंद्रबाबू नायडू उन्हीं कड़ियों को जोड़ने में जुट गए हैं। राहुल संग हुई मुलाकात में नायडू ने नतीजों के पहले गठबंधन में शामिल होने वाले दलों का तैयार खाका पेश किया है। कांग्रेस से परहेज रखने वाले कुछ दल मोदी के भी खिलाफ हैं, ऐसे दलों से बातचीत का काम नायडू और शरद पवार कर रहे हैं। विपक्ष की रणनीति है कि अगर भाजपा बहुमत के आंकड़े से चूकती है तो सरकार बनाने का दावा पेश करने में देर न की जाए।
धुरविरोधी टीआरएस को भी दिया है न्योताः एनडीए का साथ छोड़ने वाले नायडू उसे सत्ता से दूर रखने के लिए अपनी धुरविरोधी टीआरएस से भी हाथ मिलाने को तैयार हैं। नायडू ने शुक्रवार को ही टीआरएस को न्योता दिया था।
मणिपुर में भाजपा सरकार से समर्थन वापसः भाजपा को पूर्वोत्तर में झटका लगा है। मणिपुर में एन बिरेन सिंह सरकार में शामिल नगा पीपुल्स फ्रंट ने शनिवार को समर्थन वापस ले लिया है।