चंद्रा आज संभालेंगे टाटा समूह का चेयरमैन पद
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‘चंद्रा’ नाम से लोकप्रिय एन चंद्रशेखरन मंगलवार को टाटा संस के चेयरमैन का पद संभालने जा रहे हैं। 54 वर्षीय चंद्रा 150 साल पुराने टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के पहले गैर-पारसी चेयरमैन होंगे। एक सप्ताह पहले चंद्रा ने कहा था कि उनकी नई जिम्मेदारी बहुत बड़ी है, जहां चुनौतियां भी हैं और अवसर भी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि वह कुछ प्रभाव छोड़ पाएंगे और कुछ अलग कर पाएंगे।
उनकी एक बड़ी चुनौती होगी टाटा स्टील का यूरोपीय संचालन, खास तौर से ब्रिटेन में। टाटा स्टील ने ब्रिटेन में कारोबार बेचना शुरू कर दिया है। चंद्रा को तय करना है कि कितना कारोबार बेचना है और कितने को लाभ में लाने की कोशिश करनी है।
रतन टाटा की ड्रीम परियोजना नैनो एक दूसरी चुनौती है। पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री नैनो कारोबार को बंद कर देना चाहते थे। परियोजना 1,000 करोड़ रुपये से अधिक घाटे में है और चंद्रशेखरन को इसके भविष्य पर फैसला लेना होगा।
चंद्रशेखरन एक शौकिया फोटोग्राफर हैं
चंद्रशेखरन और टाटा के ट्रस्टों तथा ट्रस्टियों के बीच के संबंध पर भी हितधारकों की निगाह होगी। उनके पूर्ववर्ती मिस्त्री ने आरोप लगाया था कि ट्रस्ट उनके मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं और वैकल्पिक सत्ता केंद्र बना रहे हैं।
टीसीएस प्रमुख चंद्रशेखरन को 12 जनवरी को टाटा संस का चेयरमैन नामित किया गया था। मिस्त्री को अपदस्थ करने के बाद से पूर्व चेयरमैन रतन टाटा अंतरिम चेयरमैन की भूमिका में थे। चंद्रशेखरन एक शौकिया फोटोग्राफर हैं। उन्होंने दुनियाभर में आयोजित विभिन्न मैराथनों में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है।