पुराने फोन बेचने पर घिरी अमेजॉन, पर्यावरण मंत्रालय ने दिया कारण बताओ नोटिस
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ऑनलाइन प्रमुख विक्रेता अमेजॉन को पुराने मोबाइल फोन या फिर पुराने फोनों को आयात कर बेचना महंगा पड़ सकता है। अमेजॉन के खिलाफ पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को इस संबंध में शिकायत मिली थी। इसके बाद मंत्रालय ने खतरनाक कचरा नियमावली 2016 का उल्लंघन करने के लिए कंपनी को पर्यावरण संरक्षण कानून की धारा 15 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मंत्रालय ने अपने कारण बताओ नोटिस में कहा है कि वह इस्तेमाल किया हुआ या फिर पुराना इलेक्ट्रिक या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आयात करना बंद करे। ऑनलाइन माध्यमों पर पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाला यह पहला मामला है। इससे पहले ऑनलाइन माध्यमों पर वनजीवों के तस्करी का भी मामला आया था, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी थी।
वहीं ऑनलाइन माध्यमों पर अमेजॉन के अलावा अन्य कंपनियां भी ऐसा कर रही हैं, हालांकि अभी सिर्फ अमेजॉन को ही पर्यावरण मंत्रालय ने सख्त चेतावनी दी है। मंत्रालय के संबंधित संयुक्त सचिव ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि हमें इस संबंध में शिकायत मिली थी। इसके बाद हमने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
'आपके खिलाफ 15 दिनों के भीतर क्यों न कार्रवाई की जाए'
खतरनाक कचरा नियमावली-2016 के मुताबिक किसी भी इस्तेमाल किए हुए इलेक्ट्रॉनिक या इलेक्ट्रिक उपकरण को बिना मंत्रालय की इजाजत नहीं बेचा जा सकता। मंत्रालय ने अमेजॉन को दिए गए कारण बताओ नोटिस में पूछा है कि आपके खिलाफ 15 दिनों के भीतर क्यों न कार्रवाई की जाए।
वहीं कंपनी के स्रोतों का कहना है कि वे इस बात की जांच करेंगे। क्योंकि उनके यहां सामान थर्ड पार्टी वेंडर के जरिए बेचा जाता है। वे सभी नियमों, मानकों और कानून का पालन कर रहे हैं। वहीं हो सकता है जल्द ही अन्य ऑनलाइन विक्रेताओं के खिलाफ भी पर्यावरण मंत्रालय सख्ती लागू करे।
मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद आदेशों पर अमल न करने को लेकर कार्रवाई भी कर सकता है।