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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों का वेलफेयर फंड अब एफडी की बजाए सरकारी प्रतिभूतियों में लगेगा
Fri, 31 Jan 2020 09:32 PM IST
अनवर अंसारी
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Fri, 31 Jan 2020 09:32 PM IST
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- फोटो : PTI
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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के दस लाख कर्मियों के वेलफेयर फंड में जमा राशि को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने पर विचार किया जा रहा है। अभी तक यह राशि एफडी में जमा होती रही है। केंद्र सरकार की सोच है कि एफडी में कोई ज्यादा फ़ायदा नहीं मिलता। यदि इस राशि को सरकारी प्रतिभूतियों में लगाया जाए तो कर्मियों को अधिक ब्याज प्राप्त हो सकता है। साथ ही अर्धसैनिक बलों के मौजूदा वेलफेयर फंड को आयकर छूट दिलाने की बात भी की जा रही है। एसएसबी को कल्याण कोष पर आयकर छूट का लाभ मिलता है।
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बता दें कि देश में अगर सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एनएसजी और असम राइफल को मिलाएं तो इनके कर्मियों और अधिकारियों की संख्या करीब 10 लाख तक पहुंच जाती है। हर एक बल का अपना अलग वेलफेयर फंड होता है।
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केंद्र सरकार का प्रयास रहता है कि कर्मियों को उनके वेलफेयर फंड पर अच्छा ब्याज मिले, इसके लिए इस फंड को फ़िक्स्ड डिपोजिट में रख दिया जाता है। पिछले कुछ वर्षों से देखने में आया है कि एफडी पर जिस दर से ब्याज मिलता है, वह उत्साहवर्धक नहीं है। अधिकांश सुरक्षा बलों का खाता भारतीय स्टेट बैंक में होता है।
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पिछले साल एसबीआई ने अपने ग्राहकों के बचत खाते में जमा रकम पर ब्याज की दरों में कटौती कर दी थी। साथ ही एफडी की दरें भी घटाई थी। बैंक ने बचत खाते में एक लाख रुपये तक की जमा राशि पर ब्याज दर 3.50 फीसदी से घटाकर 3.25 फीसदी कर दी थी। बचत खाते पर संशोधित ब्याज दरें एक नवंबर, 2019 से लागू की गई थी।
इसके साथ ही बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की जमा दरों में 0.10 फीसदी से लेकर 0.30 फीसदी तक की कटौती की थी। एसबीआई ने एक बयान में कहा कि एक साल से दो साल तक की मैच्योरिटी वाली रिटेल एफडी पर जमा दरों में 0.10 फीसदी की कटौती की गई। इससे दर 6.50 फीसदी से घटाकर 6.40 फीसदी रह गई। एसबीआई में दो करोड़ रुपये से कम की डिपॉजिट रिटेल एफडी मानी जाती है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पिछले दिनों केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों की बैठक में उक्त मामले पर चर्चा हुई थी। अब सभी अर्धसैनिक बल इस दिशा में पॉलिसी फ्रेम करने के लिए जुट गए हैं।
सीआईएसएफ ने तो अपनी सभी शाखाओं को आदेश जारी कर दिया है कि कर्मियों के कल्याण कोष में जमा राशि को एफडी में रखने की बजाए उसे सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश कर दिया जाए। इसमें एफडी की तुलना में अधिक ब्याज मिलता है। इसके अलावा एसएसबी की तरह कल्याण कोष पर आयकर छूट का लाभ अन्य अर्धसैनिक बलों को मिले, इस पर भी रिपोर्ट तैयार की जाए।