जनरल के पक्ष में आए केंद्रीय मंत्री, कहा- न निकालें गलत मतलब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू ने कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियानों के दौरान बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के सेना प्रमुख बिपिन रावत के बयान का बृहस्पतिवार को समर्थन किया।
रिजीजू ने दिल्ली में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘पत्थरबाजों और राष्ट्रीय हित के खिलाफ जो भी काम करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है।’
रिजीजू की यह टिप्पणी जनरल रावत के बयान की पृष्ठभूमि में आई है। रावत ने कहा था कि कश्मीर घाटी में स्थानीय लोगों के शत्रुतापूर्ण आचरण के कारण लोग अधिक हताहत होते हैं।
रिजीजू बोले- जनरल ने राष्ट्रीय हित में ही की थी बात
उन्होंने कहा था कि सुरक्षा बलों की आतंकवाद रोधी अभियानों के दौरान हमला करने वालों के साथ ‘राष्ट्र विरोधी’ के तौर पर बर्ताव होगा और उनके खिलाफ ‘सख्त कार्रवाई’ होगी।
रिजीजू ने कहा है कि सेना प्रमुख ने जो कुछ भी कहा है वह राष्ट्रीय हित में कहा है। इसका गलत अर्थ लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। सेना प्रमुख के बयान में कुछ गलत नहीं है। जम्मू-कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा हालात के बारे में गृह राज्यमंत्री ने कहा कि नियमित कानून-व्यवस्था के मामलों पर वह टिप्पणी नहीं करेंगे।
कश्मीर घाटी में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में एक मेजर समेत सेना के चार जवानों के शहीद होने के एक दिन बाद जनरल रावत का यह बयान सामने आया था।
बहरहाल, मंगलवार को हुई मुठभेड़ में चार आतंकवादी भी मारे गए थे। विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस ने पत्थरबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी वाले सेना प्रमुख के बयान को दुखद बताया है और कहा है कि सरकार को घाटी के भटके हुए युवकों को राजनीति में घसीटने की जरूरत नहीं है।