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नए साल से बदल जाएंगे कामगारों के लिए बने नियम, महिलाओं की सहमति के बिना नहीं लगेगी रात में ड्यूटी
Tue, 24 Nov 2020 09:15 PM IST
योगेश साहू
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली।
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 24 Nov 2020 09:15 PM IST
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- फोटो : PTI
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केंद्र सरकार कामगारों की सामाजिक सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए नए मापदंड तैयार कर रही है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी गई है। लोगों को एक माह के भीतर सुझाव देने होंगे। इनमें कामगारों और इंडस्ट्री मालिकों को लेकर अनेक तरह के नए प्रावधान शामिल हैं। लोगों से मिले सुझावों के बाद इन प्रावधानों को नव वर्ष में लागू कर दिया जाएगा।
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इनमें कार्य स्थलों पर कामगारों को न केवल नौकरी की सुरक्षा, बल्कि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, इस पर खास ध्यान दिया गया है। महिलाओं की सहमति के बिना उन्हें रात में ड्यूटी नहीं दी जाएगी। कर्मियों को मिलने वाले नियुक्ति पत्र का प्रारूप भी बदल जाएगा।
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श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की अधिसूचना में गोदी कामगार (सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण) नियम 1990, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार (रोजगार का विनियमन और सेवा शर्ते) नियम, 1998, आदर्श कारखाना नियमावली, खान नियमावली 1955, खान बचाव नियमावली 1985, खान व्यावसायिक प्रशिक्षण नियमावली 1966, पिट हैड बाथ नियमावली 1959, खान शिशु गृह नियमावली 1966, ठेका श्रम (विनियमन एवं उत्साधन) केंद्रीय नियमावली 1971, अंतरराज्यिक प्रवासी कामगार (रोजगार का विनियमन और सेवा शर्ते) केंद्रीय नियमावली 1979, श्रमजीवी पत्रकार (सेवा शर्ते) एवं प्रकीर्ण उपबंध नियमावली 1957, सिने कामगार और सिनेमा थियेटर कामगार (रोजगार का विनियमन) नियमावली 1984 और विक्रय संवर्धन कर्मचारी (सेवा शर्ते) नियमावली 1976 शामिल है।
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नए प्रावधानों में कर्मचारी को मिलने वाले नियुक्ति पत्र का प्रारूप भी बदल जाएगा। इस नियम के लागू होने के तीन माह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि ये पत्र केवल उन्हीं कर्मियों को मिलेगा, जिन्हें पहले सभी तरह की वांछित सूचनाओं वाला नियुक्ति पत्र नहीं मिला है।
इस पत्र में आधार संख्या अंकित होगी। प्रतिष्ठान की श्रम पहचान संख्या, सार्वभौमिक खाता संख्या, कौशल की श्रेणी, आवास की श्रेणी एवं भत्ता (जहां पर लागू होता हो), उच्चतर वेतन/उच्चतर पद प्राप्त करने के अवसरों की जानकारी भी नियुक्ति पत्र में दी जाएगी।
लागू सामाजिक सुरक्षा ईपीएफओ और ईएसआईसी के लाभ की अनुप्रयोज्यता से जुड़ी बातें भी नियुक्ति पत्र में शामिल की गई हैं। कामगारों के साथ कोई हादसा होने की स्थिति में उनके इलाज और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
नए नियमों में कर्मचारी की बीमारी की सूचना निरीक्षक सह सुविधा प्रदाता अथवा मुख्य निरीक्षक को भेजी जाएगी। कार्यस्थल पर सुविधाओं को लेकर अनेक बदलाव किए हैं। पहले कभी कोई हादसा हुआ है तो उसकी जानकारी सूचना पट्ट पर देनी होगी। इतना ही नहीं, वहां यह भी लिखा जाएगा कि हादसा क्यों हुआ और कर्मचारी की मौजूदा स्थिति क्या है।
अगर कोई जांच रिपोर्ट आई है, तो उसका खुलासा भी करना होगा। खान में काम करने वाले कर्मियों की सुरक्षा के लिए दर्जनों प्रावधान किए हैं। इनमें निरीक्षक के अलावा नियमित सुरक्षा अधिकारी तैनात होंगे। रोजाना सुरक्षा उपकरणों की जांच होगी। पांच सौ कर्मियों पर एक सुरक्षा अधिकारी लगाया जाएगा।
इससे ज्यादा कर्मी हैं तो वहां अतिरिक्त सुरक्षा अधिकारी नियुक्ति होंगे। किसी भी कामगार द्वारा एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम लिया जा सकता है। कामगारों के कार्य की अवधि पांच घंटे से अधिक नहीं होगी। उसके बाद ब्रेक रहेगा।
कार्यस्थल पर महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत निर्धारित प्रसूति लाभ मिलेंगे। ऐसे कर्मियों को उनके आवास से लाने और छोड़ने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। महिलाओं के शौचालय, वॉशरूम, पेयजल, प्रवेश एवं बाहर जाने के रास्तों पर पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए। भूमिगत खानों के मामले में किसी स्थान पर कम से कम तीन महिला कर्मी एक साथ ड्यूटी पर रहेंगी।
कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन शोषण (निवारण, निषेध एवं निराकरण) अधिनियम 2013 (2013 का 14) जो प्रतिष्ठानों पर लागू हों, के उपबंधों का अनुपालन किया जाएगा। ठेका श्रमिकों की सभी श्रेणियों के लिए लाइसेंस फीस बढ़ा दी गई है। पचास से सौ ठेका श्रमिकों के लिए एक हजार रुपये तो वहीं बीस हजार से अधिक ठेका श्रमिकों के लिए यह फीस चालीस हजार रुपये रखी गई है।