क्राइम ब्रांच ने पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी को किया गिरफ्तार, 24 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में
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केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने भाजपा के पूर्व मंत्री एवं खनन उद्योगपति जी जनार्दन रेड्डी को कथित एंबियंट समूह घूस मामले में गिरफ्तार किया और 24 नवंबर तक उन्हें न्यायिक हिरासत पर भेज दिया है। शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने कहा, 'हमने उन्हें गिरफ्तार करने का फैसला विश्वसनीय साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर किया। हम उन्हें मैजिस्ट्रेट के सामने पेश करेंगे। हम उनसे पैसों की वसूली करेंगे और उसे निवेशकों को दे देंगे।' बंगलूरू के सीसीबी ने रेड्डी के साथ ही उनके करीबी अली खान को भी गिरफ्तार किया है।
Janardhan Reddy who was arrested by Bengaluru Central Crime Branch, in connection with Ambident Group alleged bribery case has been sent to judicial custody till November 24. pic.twitter.com/YrIBxCQWfJ
— ANI (@ANI) November 11, 2018विज्ञापन
अपराध शाखा की जांच में पता चला था कि रेड्डी और खान ने एबिडेंट मार्केटिंग से 18 करोड़ रुपये के मूल्य का 57 किलो सोना लिया था। इस सोने को प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से एबिडेंट के प्रमोटर सैयद अहमद फरीद को ढील देने के बदले लिया गया था। जिसके बाद ईडी ने खान और रेड्डी को पूछताछ के लिए रविवार को नोटिस दिया था।
शनिवार को कर्नाटक के जर्नादन रेड्डी पोंजी घोटाले के सिलसिले में पुलिस के सामने पेश हुए और उन्होंने आरोपों को ‘राजनीतिक साजिश’ करार देकर इनसे साफ इनकार किया था। पुलिस के हिसाब से फरार चल रहे रेड्डी अपने वकीलों के साथ कार से केंद्रीय अपराध शाखा कार्यायल पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने किसी अज्ञात स्थान से वीडियो जारी कर कहा था कि वह केंद्रीय अपराध शाखा के सामने पेश होंगे।
केंद्रीय अपराध शाखा कार्यालय पहुंचने के बाद रेड्डी ने दावा किया था कि यह एक ‘राजनीतिक साजिश’ है और उन्हें पुलिस पर विश्वास है। इससे पहले अपने वीडियो संदेश में रेड्डी ने कहा था कि वह भाग नहीं रहे हैं और शहर में ही हैं। उन्हें भागने की कोई जरूरत भी नहीं है। संदेश में उन्होंने कहा था, ‘मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। पुलिस के पास यह साबित करने के लिए एक भी सबूत नहीं है कि मैं गलत हूं। वह मीडिया को गुमराह कर रही है।’
We have taken the decision to arrest him on the basis of credible evidence and witnesses statements. We will produce him before the magistrate. We are going to recover the money & give it to the investors: Alok Kumar, Additional CP, Central Crime Branch, #Bengaluru pic.twitter.com/0MvDauU8mO
— ANI (@ANI) November 11, 2018