केंद्रीय समिति राज्यों में लेगी नोटबंदी का जायजा
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सरकार ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नोटबंदी के फैसले का असर और वस्तुस्थिति जानने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी है। वित्त मंत्रालय ने आज बयान जारी कर कहा कि सरकार ने अतिरिक्त सचिवों, संयुक्त सचिवों और निदेशकों की टीमें बनाने का फैसला किया है।
प्रत्येक राज्य के लिए दो से तीन अधिकारियों की टीम बनाई गई है जो राज्यों में जाकर नोटबंदी के असर का आकलन करेगी। इन टीमों को कम से कम दो दिन राज्यों का दौरा करने को कहा गया है और इस फैसले के बाद उपजी स्थिति का जायजा लेंगे। टीमों का मुख्य फोकस राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों पर होगा।
टीमें बैंक शाखाओं, एटीएम और डाकघरों के नेटवर्क में नकदी की उपलब्धता का भी आकलन करेंगी और यह भी देखेंगी कि किन एटीएम में 2000 तथा 500 रुपये के नए नोट देने की क्षमता है। वे यह भी देखेंगी कि परिवारों, कृषि, दिहाड़ी मजदूरों, व्यापारियों, परिवहन, उद्योगों, असंगठित क्षेत्रों, छोटे कारोबारियों और अन्य लोगों पर इस फैसले का क्या असर हुआ है।
सहकारी संस्थाओं में संसाधन पहुंचाएं बैंक: जेटली
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैंकों से अपील की कि वे उन सहकारी संस्थाओं में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं जहां से किसानों की नकदी जरूरतें पूरी हो सकें। उन्होंने कहा कि हमने आरबीआई, नाबार्ड और सभी सरकारी क्षेत्रों के बैंकों से चर्चा की है।
उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधन हस्तांतरित करने पर ही हमने उनके साथ चर्चा की ताकि वे रबी के इस सीजन में किसानों तक पहुंच बना सकें और उनकी जरूरतें पूरी कर सकें।