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Udaipur: केंद्र का इंटरनेट मीडिया कंपनियों को नोटिस, कहा- उदयपुर की नृशंस हत्या को सही ठहराने वाले कंटेंट को तत्काल हटाएं
Fri, 01 Jul 2022 10:59 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 01 Jul 2022 10:59 PM IST
सार
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने एक नोटिस जारी कर इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्मर्स से उदयपुर में हुई बर्बर हत्या को बढ़ावा देने और महिमामंडित करने या इसे उचित ठहराने वाली सामग्री को तुरंत हटाने को कहा है।
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उदयपुर में सड़क पर पसरा सन्नाटा
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्र सरकार ने एक नोटिस जारी कर इंटरनेट मीडिया कंपनियों को उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की नृशंस हत्या को उचित ठहराने, बढ़ावा देने और महिमामंडित करने वाली विषय सामग्री को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने एक नोटिस जारी कर इंटरनेट मीडिया कंपनियों से उदयपुर में हुई बर्बर हत्या को बढ़ावा देने और महिमामंडित करने या इसे उचित ठहराने वाली सामग्री को तुरंत हटाने को कहा है।
कन्हैया लाल की नृशंस हत्या का सोशल मीडिया पर डाला था पोस्ट
बता दें कि उदयपुर निवासी कन्हैया लाल की कथित विवादास्पद इंटरनेट मीडिया पोस्ट को लेकर मंगलवार को दिनदहाड़े दो लोगों ने हत्या कर दी थी। आरोपी रियाज अख्तरी और गौस मुहम्मद ने कपड़े का नाप देने के बहाने दर्जी कन्हैया लाल का सिर कलम कर हत्या कर दी थी। इस दौरान घटना वीडियो भी बना दिया। आरोपी यहीं नहीं रुके उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया पोस्ट भी कर दिया। इसके बाद से इलाके में तनाव है।
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एनआईए, राजस्थान पुलिस और एसओजी कर रहे जांच
वहीं नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) राजस्थान पुलिस का आतंक निरोधी दस्ता (एटीएस) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के सहयोग से मामले की जांच की जा रही है।
सरकारी नोटिस में क्या कहा गया
सरकार की ओर से 29 जून को नोटिस जारी किया गया जिसमें कहा गया कि इस नोटिस के जरिए आपको तत्काल यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि उदयपुर की घटना के मद्देनजर सुरक्षा और विश्वास के अपने दायित्व के निर्वहन के रूप में आप किसी भी और सभी सामग्री जिनमें ऑडियो, वीडियो, फोटो या किसी भी रूप में हों तुरंत हटा दें, जो इस हत्या और हत्या को प्रोत्साहित करने/महिमामंडित करने/ न्यायोचित ठहराने के लिए प्रतीत होते हैं ताकि किसी भी तरह के उकसावे और सार्वजनिक व्यवस्था में व्यवधान को रोका जा सके और सार्वजनिक शांति और सद्भाव बहाल किया जा सके।
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इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने एक नोटिस जारी कर इंटरनेट मीडिया कंपनियों से उदयपुर में हुई बर्बर हत्या को बढ़ावा देने और महिमामंडित करने या इसे उचित ठहराने वाली सामग्री को तुरंत हटाने को कहा है।
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कन्हैया लाल की नृशंस हत्या का सोशल मीडिया पर डाला था पोस्ट
बता दें कि उदयपुर निवासी कन्हैया लाल की कथित विवादास्पद इंटरनेट मीडिया पोस्ट को लेकर मंगलवार को दिनदहाड़े दो लोगों ने हत्या कर दी थी। आरोपी रियाज अख्तरी और गौस मुहम्मद ने कपड़े का नाप देने के बहाने दर्जी कन्हैया लाल का सिर कलम कर हत्या कर दी थी। इस दौरान घटना वीडियो भी बना दिया। आरोपी यहीं नहीं रुके उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया पोस्ट भी कर दिया। इसके बाद से इलाके में तनाव है।
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एनआईए, राजस्थान पुलिस और एसओजी कर रहे जांच
वहीं नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) राजस्थान पुलिस का आतंक निरोधी दस्ता (एटीएस) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के सहयोग से मामले की जांच की जा रही है।
सरकारी नोटिस में क्या कहा गया
सरकार की ओर से 29 जून को नोटिस जारी किया गया जिसमें कहा गया कि इस नोटिस के जरिए आपको तत्काल यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि उदयपुर की घटना के मद्देनजर सुरक्षा और विश्वास के अपने दायित्व के निर्वहन के रूप में आप किसी भी और सभी सामग्री जिनमें ऑडियो, वीडियो, फोटो या किसी भी रूप में हों तुरंत हटा दें, जो इस हत्या और हत्या को प्रोत्साहित करने/महिमामंडित करने/ न्यायोचित ठहराने के लिए प्रतीत होते हैं ताकि किसी भी तरह के उकसावे और सार्वजनिक व्यवस्था में व्यवधान को रोका जा सके और सार्वजनिक शांति और सद्भाव बहाल किया जा सके।