Tamil Nadu: नीलामी से तीनों कोयला ब्लॉकों को केंद्र ने किया बाहर, डीएमके और एआईएडीएमके श्रेय लेने पर अड़े
लघु बंदरगाह मंत्री ई वी वेलू ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के प्रयासों के कारण तीनों ब्लॉकों को नीलामी सूची से बाहर किया गया है। स्टालिन ने केंद्र पर दबाव बनाया। नया फैसला स्टालिन के प्रयासों की जीत है। वेलू ने कहा कि नीलामी की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी पर दबाव डाला।
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कोयला ब्लॉकों की नीलामी से तमिलनाडु के तीन ब्लॉकों को हटाने के लिए भाजपा तमिलनाडु प्रमुख के अन्नामलाई ने केंद्र सरकार का आभार जताया है। अन्नामलाई का कहना है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने हमारे अनुरोध को सुना और नीलामी सूची से तमिलनाडु के ब्लॉकों को हटा दिया। हालांकि, डीएमके और एआईएडीएमके ने भी घोषणा का श्रेय लिया है।
डीएमके ने किया दावा
लोक निर्माण, राजमार्ग और लघु बंदरगाह मंत्री ई वी वेलू ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के प्रयासों के कारण तीनों ब्लॉकों को नीलामी सूची से बाहर किया गया है। स्टालिन ने केंद्र पर दबाव बनाया। नया फैसला स्टालिन के प्रयासों की जीत है। वेलू ने कहा कि नीलामी की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी पर दबाव डाला। इसलिए इसे वापस ले लिया गया। मंत्री थेनारासु ने कहा कि हम घोषणा का स्वागत करते हैं। लेकिन मुझे दुख है कि केंद्र ने मुख्यमंत्री के प्रयासों को स्वीकार नहीं किया है। लेकिन खुशी है कि केंद्र ने किसानों और मुख्यमंत्री की मांग का समर्थन किया।
श्रेय लेने में एआईएडीएमके भी नहीं है पीछे
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने घोषणा को अन्नाद्रमुक के लिए एक बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने एक कानून बनाया था और कावेरी डेल्टा किसानों के हित में तमिलनाडु संरक्षित कृषि क्षेत्र की स्थापना की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने खनन का विरोध किया। संसद और विधानसभा का ध्यान आकर्षित किया। इसके परिणाम में केंद्र ने लोगों को खुशी देते हुए इस कदम को वापस ले लिया था। केंद्र द्वारा फैसला वापस लेना अन्नाद्रमुक के लिए एक बड़ी जीत है। उन्होंने घोषणा के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।
केंद्र ने अन्नामलाई को दिया श्रेय
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ट्वीट कर कहा कि तमिलनाडु के लोगों के हित में नीलामी के दायरे से राज्य के तीन खनन को बाहर करने का फैसला लिया है। निर्णय राज्य के लोगों के हित में अन्नामलाई द्वारा हरी झंडी दिखाने के बाद लिया गया था।
पढ़िए विरोध में सीएम ने क्या कहा था
मुख्यमंत्री ने कहा था कि देश भर में नीलामी के लिए रखे गए 101 ब्लॉक में से 3 तमिलनाडु में हैं। पूर्वी सेठियाथोप, माइकलपट्टी और वडासेरी तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। यह क्षेत्र काफी उपजाऊ है। जिसे राज्य का चावल का कटोरा माना जाता है। यह संरक्षित कृषि क्षेत्र है। स्टालिन ने कहा कि राज्य के 2020 अधिनियम की धारा 4 (1) के तहत कोई भी व्यक्ति संरक्षित कृषि क्षेत्र में कोल बेड मीथेन, शेल गैस, तेल और प्राकृतिक गैस की खोज या ड्रिलिंग आदि काम नहीं कर सकता। इसलिए, नीलामी प्रक्रिया बेकार की कवायद है। अगर केंद्र सूचना जारी करने से पहले राज्य सरकार से बात किया होता तो यह मुद्दे पहले ही स्पष्ट कर दिए गए होते। तीनों ब्लॉक कृषि भूमि में शामिल है और नीलामी से तमिलनाडु