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पहली से बारहवीं कक्षा में लागू होगी कला शिक्षा, सीबीएसई ने दिया निर्देश
Thu, 11 Apr 2019 06:06 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Thu, 11 Apr 2019 06:06 AM IST
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सीबीएसई (लोगो)
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपने संबद्ध स्कूलों को पहली से बारहवीं कक्षा में कला शिक्षा को अनिवार्य रुप से लागू करने के कहा है। बोर्ड ने स्कूलों को कहा है कि वे चालू शैक्षणिक सत्र 2019-20 से ही इसे अनिवार्य रूप से पढ़ाएं। इसके लिए प्रति सप्ताह दो पीरियड आरक्षित करने होंगे। वहीं पढ़ाई के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने को भी कहा गया है।
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सीबीएसई के अनुसार कला शिक्षा के अंतर्गत संगीत, नृत्य, विजुअल आर्ट और थियेटर स्ट्रीम को कवर किया जाए। इसमें बच्चों के सीखने पर फोकस हो। बोर्ड ने स्कूलों को सिफारिश की है कि इन चार स्ट्रीम के अलावा छठी से आठवीं कक्षाओं के बच्चों के लिए पाक कला का भी अध्ययन कराया जाए। ताकि वह पोषक भोजन के महत्व, फसलों, मसालों के उत्पादन, बीज-तेल निकालने की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझें।
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बच्चों के लिए पाक कक्षाएं भी आयोजित की जाएं। जिसमें छात्राओं के साथ-साथ छात्रों की भी बराबर की भागीदारी हो। उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने मार्च में शिक्षण में कला शिक्षा को शामिल करने की घोषणा की थी। बोर्ड का कहना है कि इससे कला आधारित खोज जैसे विवेचना, अन्वेषण, आलोचनात्मक सोच को विकसित करने में मदद मिलेगी। इसमें बच्चे अनुभव के आधार पर सीखेंगे। यह एक तरह से बिना परीक्षा के सीखना होगा। थ्यौरी, प्रेक्टिकल, प्रोजेक्ट वर्क इसमें बेसिक तत्वों के रूप में होंगे। कला शिक्षा के लिए बोर्ड जल्द ही विस्तृत गतिविधियों की जानकारी जारी करेगा।
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